साइबर अपराध के आरोप में गिरफ्तार और बाद में रिमांड पर लिये गये गिरिडीह के बबलू और पिंटू ने धनबाद साइबर थाना की पुलिस को कई जानकारी दी है. दोनों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से वे टेलीग्राम के जरिए साइबर अपराधियों का नेटवर्क तैयार कर अवैध तरीके से कमाई कर रहे थे. दोनों ने अलग-अलग नाम से कई टेलीग्राम चैनल और ग्रुप बनाये थे, जिनके माध्यम से देशभर के साइबर अपराधियों को जोड़ा जाता था.
पुलिस के अनुसार आरोपी साइबर ठगी से जुड़े लोगों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराते थे, जहां फर्जी बैंक अकाउंट, सिम कार्ड, फिशिंग लिंक, कॉलिंग डाटा और अन्य तकनीकी जानकारी साझा की जाती थी. इन चैनलों में शामिल होने के लिए साइबर अपराधियों से मोटी रकम भी वसूली जाती थी. दोनों ने स्वीकार किया कि वे एक सदस्य से एपीके फाइल उपलब्ध कराने के नाम पर एक माह के लिए करीब 200 डॉलर तक शुल्क लेते थे. भुगतान ऑनलाइन माध्यम से लिया जाता था.अलग-अलग बैंक के नाम से जाता था फाइल
जांच में यह भी पता चला कि दोनों आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप के जरिए नये लोगों को जोड़ते और उन्हें साइबर ठगी के तरीके सिखाते थे. ये लोग एक दिन में सिर्फ एक ही बैंक के नाम पर एपीके फाइल तैयार करते थे. जैसे ही उसका काम खत्म हो जाता तो दूसरे बैंक और फिर तीसरे बैंक की फाइल बना कर लोगों को अपना शिकार बनाते थे.बुजुर्ग बने सबसे ज्यादा शिकार
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इन लोगों ने सबसे ज्यादा बुजुर्ग लोगों से ठगी की है. उनके मोबाइल पर बैंक के फर्जी मैसेज का एपीके फाइल तैयार कर भेजते थे. उसके बाद उनके खाते से राशि की निकासी की जाती थी.दोनों की गर्ल फ्रैंड को लेंगे रिमांड पर
पुलिस ने बताया कि अभी बबलू और पिंटू को रिमांड पर लेकर वापस जेल भेज दिया गया है. अब बोकारो नावाडीह की अंजली कुमारी व भागलपुर की चांदनी कुमारी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जायेगी.
