बरवाअड्डा थाना परिसर से शुरू हुआ विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है. 21 अगस्त को डुमरी विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों और बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के समर्थकों के बीच हुई झड़प के मामले में शनिवार को विधायक समेत चार आरोपियों ने अदालत का रुख किया.
विधायक जयराम महतो के अलावा सुशील मंडल उर्फ सुशील कुमार, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है.
गणेश दास और मुखिया के बीच का है विवाद
मालूम हो कि बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी ने गणेश दास पर उनके कथित फर्जी पैड, मुहर और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर जाति, आवासीय प्रमाणपत्र और वंशावली तैयार कराने का आरोप लगाया था. 21 अगस्त को पुलिस ने गणेश दास को पूछताछ के लिए बुलाया था, पर उनके नहीं आने पर एसआई मीनू कुमारी नोटिस देने उनके घर गयीं. पुलिस के अनुसार वहां कहासुनी, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी. इसके बाद गणेश दास को हिरासत में लेकर बरवाअड्डा थाना लाया गया.
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामला हुआ संगीन
21 अगस्त को बरवाअड्डा थाना परिसर में इसी मामले को लेकर विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों की मौजूदगी के दौरान मुखिया यशोदा देवी के समर्थकों के साथ विवाद हुआ था. देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गयी थी. घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी.
अदालत पर टिकीं हैं सबकी निगाहें
इसी क्रम में अब विधायक समेत चार आरोपियों ने गिरफ्तारी से राहत के लिए अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की है. थाना परिसर में शुरू हुआ विवाद अब अदालत की चौखट तक पहुंच गया है. 31 अगस्त को होने वाली सुनवाई में अदालत दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अग्रिम जमानत याचिकाओं पर फैसला करेगी.
