धनबादः देश में सुरक्षित, आधुनिक और वैज्ञानिक खनन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सीएसआईआर-केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (सिंफर) और खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) के बीच महत्वपूर्ण समझौता हुआ है. दोनों राष्ट्रीय संस्थानों ने अनुसंधान, तकनीकी विशेषज्ञता, ज्ञान और अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के आदान-प्रदान के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए. इससे वैज्ञानिक अनुसंधान और खनन सुरक्षा की नियामक व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है.
सुरक्षा प्रोटोकॉल और तकनीकी क्षमता पर जोर
समझौते का प्रमुख उद्देश्य खनन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना है. इससे खनन कार्यों से जुड़े व्यावसायिक और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम करने के लिए दोनों संस्थान मिलकर काम करेंगे. इसके लिए संयुक्त प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. साथ ही खनन क्षेत्र के लिए दिशा-निर्देश, तकनीकी परिपत्र और मानक संचालन प्रक्रियाएं विकसित करने में सहयोग किया जाएगा.
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संयुक्त शोध परियोजनाओं पर होगा काम
MoU के तहत दोनों संस्थानों के विशेषज्ञ संयुक्त अनुसंधान एवं विकास तथा विज्ञान-प्रौद्योगिकी परियोजनाओं पर काम करेंगे. तकनीकी आंकड़ों और विशेषज्ञ ज्ञान को साझा करने के अलावा संयुक्त सम्मेलन, संगोष्ठी, तकनीकी कार्यक्रम और अनुसंधान-उद्योग सहभागिता को बढ़ावा दिया जायेगा. इससे खनन क्षेत्र में उभरती चुनौतियों के वैज्ञानिक और व्यावहारिक समाधान विकसित करने में मदद मिलेगी.
MoU पर इन विशेषज्ञों ने किये हस्ताक्षर
समझौता ज्ञापन पर सीएसआइआर-सिंफर की ओर से प्रौद्योगिकी प्रबंधन, आइएसटीएजी एवं मानव संसाधन विकास अनुसंधान समूह के वैज्ञानिक-जी अभियंता अमर नाथ तथा डीजीएमएस की ओर से निदेशक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कैमरा थिरुपति ने हस्ताक्षर किये. यह समझौता डीजीएमएस के डीजी उज्ज्वल ताह और सीएसआइआर-सिंफर के निदेशक प्रो अरविंद कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में हुआ. मौके पर डीजीएमएस के उप महानिदेशक रवींद्र तुलसीदास मांडकेर, निदेशक खान सुरक्षा एन नागेश्वर राव व सुरजीत कटेवा तथा सिंफर के वैज्ञानिक-जी डॉ प्रभात कुमार मंडल, डॉ एमपी रॉय और डॉ रंजन कुमार मौजूद थे.
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