कतरास. सरकारी विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाना हमेशा से चुनौती रही है. इसी चुनौती के बीच बाघमारा अंचल के प्राथमिक विद्यालय माथाटांड़ के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार महतो ने सीमित संसाधनों में रचनात्मक पहल की है. विद्यालय में महज दो कमरे और एक बरामदा है, लेकिन प्रधानाध्यापक ने पेंटिंग वॉल के जरिये पूरे स्कूल को ट्रेन की बोगी का रूप दे दिया है.
विद्यालय में प्रवेश करते ही बच्चों को ऐसा माहौल मिलता है, जैसे वे किसी ट्रेन की बोगी में आ गये हों. दीवारों पर की गयी आकर्षक पेंटिंग बच्चों का ध्यान खींचती है. इस पहल का उद्देश्य विद्यालय के माहौल को बच्चों के लिए आकर्षक बनाना और उन्हें नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रेरित करना है.
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15 दिनों में बदली स्कूल की तस्वीर
प्रधानाध्यापक मनोज कुमार महतो ने बताया कि बच्चों में स्कूल आने को लेकर उत्साह पैदा करने के उद्देश्य से यह पहल की गयी है. उनका मानना है कि पढ़ाई के साथ विद्यालय का माहौल भी बच्चों को आकर्षित करने वाला होना चाहिए.
उन्होंने बताया कि इसी सोच के साथ विद्यालय के कमरों और बरामदे को ट्रेन की बोगी का लुक दिया गया. इस काम को पूरा करने में करीब 15 दिनों का समय लगा. सीमित संसाधनों के बावजूद स्कूल की दीवारों को रचनात्मक तरीके से सजाकर बच्चों के लिए अलग तरह का माहौल तैयार किया गया है.
स्कूल आने के प्रति बढ़ेगा रुझान
प्रधानाध्यापक ने कहा कि पेंटिंग वॉल के माध्यम से बच्चों में उत्साह जगाने का प्रयास किया गया है, ताकि वे विद्यालय आने के लिए प्रेरित हों. इससे पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों में स्कूल आने का रुझान भी बढ़ने की उम्मीद है.
विद्यालय को आकर्षक बनाने की यह पहल स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है. अभिभावकों और ग्रामीणों के बीच भी स्कूल की बदली तस्वीर को लेकर चर्चा हो रही है.
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बच्चों के लिए मिड डे मील की व्यवस्था
प्राथमिक विद्यालय माथाटांड़ में बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन यानी मिड डे मील की भी व्यवस्था है. स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के साथ प्रधानाध्यापक की रचनात्मक पहल ने विद्यालय के माहौल को बच्चों के लिए और आकर्षक बनाने का प्रयास किया है.