महुदा-सिंदरी-जामाडोबा सड़क को फोरलेन बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने कदम बढ़ा दिया है. दरअसल भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से 13 और 14 अगस्त को विशेष शिविर लगाए जायेंगे.
जिला भू-अर्जन शाखा ने बाघमारा और पुटकी अंचल के संबंधित मौजों के रैयतों से भूमि अधिग्रहण से जुड़े दावा और आवेदन लेने के लिए शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है. महुदा-सिंदरी-जामाडोबा सड़क की लंबाई करीब 22.94 किलोमीटर है और इसे चौड़ा और मजबूत करने की योजना लंबे समय से चल रही है. जानकारी के अनुसार परियोजना के लिए प्रशासनिक स्वीकृति साल 2016 में मिली थी.
13 अगस्त को पेटिया पंचायत में लगेगा कैंप
पहला विशेष शिविर 13 अगस्त को सुबह 11 बजे से पुटकी अंचल के पेटिया पंचायत सचिवालय में आयोजित होगा. इसमें पेटिया मौजा के रैयत अपनी जमीन से संबंधित दावा और आवेदन जमा करेंगे.
रैयतों को आवेदन के साथ खतियान और दलील की छायाप्रति, अद्यतन लगान रसीद और मुखिया से सत्यापित वंशावली, बंध पत्र, शपथ पत्र, आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र की छायाप्रति, दो पासपोर्ट आकार के फोटो और बैंक पासबुक की छायाप्रति साथ लानी होगी. पूर्व में भी पेटिया मौजा की जमीन के अधिग्रहण की कार्रवाई हो चुकी है. साल 2022 में यहां करीब साढ़े चार एकड़ जमीन के अधिग्रहण की अधिघोषणा हुई थी. इसमें 57 रैयत शामिल थे.
14 अगस्त को पाथरगड़िया में होगा शिविर
दूसरा शिविर 14 अगस्त को सुबह 11 बजे से बाघमारा अंचल के पंचायत सचिवालय पाथरगड़िया में लगेगा. इसमें नगदा मौजा, थाना सं 327 और पारजोरिया मौजा, थाना सं 326 के रैयतों से दावा एवं आवेदन लिये जायेंगे.
दस्तावेजों की जांच के बाद भूमि स्वामित्व और मुआवजा संबंधी दावों पर आगे की कार्यवाही की जायेगी. पूर्व में महुदा मौजा के 40 से अधिक रैयतों की जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और प्रशासन की ओर से मुआवजा भुगतान के लिए दावेदारों से संबंधित कागजात लेने की प्रक्रिया अपनायी गयी थी.
फोरलेन बनने से आसान होगा आवागमन
महुदा-सिंदरी-जामाडोबा सड़क का चौड़ीकरण होने से धनबाद के महुदा, जामाडोबा और सिंदरी क्षेत्र के साथ-साथ बोकारो, रांची और जमशेदपुर की ओर आने-जाने वाले वाहनों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है.
प्रस्तावित सड़क मार्ग से भारी वाहनों समेत अन्य यातायात को धनबाद शहर के अंदर आने की आवश्यकता कम होगी. पूर्व की रिपोर्टों के अनुसार सड़क का एक हिस्सा पहले ही चौड़ा किया जा चुका है, जबकि भूमि अधिग्रहण और मुआवजा संबंधी प्रक्रिया के कारण कुछ हिस्सों में काम प्रभावित रहा है.
