श्री आनंद अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि महाराज ने शनिवार को राजविलास रिजॉर्ट कौआबांध में एकदिवसीय संवाद व आशीर्वचन सत्र को संबोधित किया. कहा कि कुंभ मेला एक आध्यात्मिक अनुष्ठान है और यह सनातन धर्म की पहचान है. यह सनातन धर्म को जागृत करता है. इस वर्ष कुंभ मेला के साधु-संतो व विभिन्न अखाड़ा दलों के सदस्यों द्वारा भारत सरकार से सनातन बोर्ड गठित करने की मांग की जायेगी, ताकि देश के विभिन्न मठ मंदिरों की सुरक्षा की जा सके. समान रूप से विकास किया जा सके. इसके लिए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज को भी पत्र दिया गया है.
शाही स्नान का नाम बदलकर राजसी स्नान किया गया :
उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रयागराज में आगामी एक जनवरी से तीन फरवरी तक महाकुंभ लगेगा. इसमें शाही स्नान का नाम बदलकर राजसी स्नान किया गया है. महाकुंभ का राजश्री स्नान मकर संक्रांति 14 जनवरी, मौनी अमावस्या 29 जनवरी व बसंत पंचमी तीन फरवरी को होगा. उन्होंने कहा कि महाकुंभ में सन्यासी दल आकर्षण का केंद्र रहते हैं. वह प्रत्यक्ष साधना करते हैं और विश्व भर के साधु- महात्माओं का आगमन महाकुंभ मेला में होता है. उन्होंने श्रद्धालुओं से महाकुंभ स्नान में भाग लेने की अपील की. श्रद्धालुओं की ओर से समाजसेवी शंभुनाथ अग्रवाल व उर्मिला देवी अग्रवाल ने महाराज का स्वागत किया. इस अवसर पर नंदलाल अग्रवाल, बलराम अग्रवाल, विनोद पोद्दार, राजू पोद्दार, नवीन पोद्दार, एसके पसारी, रामबाबू अग्रवाल, कृष्ण गोपाल अग्रवाल, गोपी कटेसरिया, असित झुनझुनवाला, संदीप कटेसरिया, सुनील अग्रवाल, बजरंग अग्रवाल, अमित मित्तल, नीरज बूबना, मनोज मित्तल आदि मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
