Dhanbad News: आइआइटी में पर्यावरणीय स्थिरता पर व्याख्यान

Dhanbad News: विशेषज्ञों ने इएसजी इम्पीरेटिव: अनलॉकिंग रेजिलिएंस, कैपिटल एंड ग्लोबल विषय पर रखे विचार

व्याख्यान में मौजूद आइआइटी आइएसएम के विद्यार्थी.विशेषज्ञ ने इएसजी इम्पीरेटिव: अनलॉकिंग रेजिलिएंस, कैपिटल एंड ग्लोबल विषय पर रखे विचार Dhanbad News: आइआइटी-आइएसएम ने अपने शताब्दी समारोह व मिशन लाइफ लेक्चर सीरीज के तहत गुरुवार को एक विशेष कीनोट लेक्चर व इंटरैक्टिव सेशन का आयोजन किया. कार्यक्रम पर्यावरणीय स्थिरता के लिए नवाचार का उपयोग: नीतियां, अभ्यास और साझेदारी विषय पर था. इसकी मेजबानी इआइएसीपी कार्यक्रम केंद्र व खनन पर्यावरण, पर्यावरण विज्ञान और इंजीनियरिंग केंद्र विभाग ने संयुक्त रूप से की. मुख्य वक्ता डॉ मनोज केएम चतुर्थी, सीइओ ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी सॉल्यूशंस एंड सर्विसेज क्यूएफजेड एलएलसी, कतर थे. उन्होंने इएसजी इम्पीरेटिव: अनलॉकिंग रेजिलिएंस, कैपिटल एंड ग्लोबल प्रासंगिकता विषय पर विचार रखे. उन्होंने इएसजी को सिर्फ इकाई से जोड़ने के बजाय इसे आदर्श विकास, वैश्विक स्तर और विश्वास निर्माण का आधार बताया. प्रारंभ में डीन (छात्र कल्याण) प्रो सुनील कुमार गुप्ता व इएसई विभाग के प्रभारी प्रो विश्वजीत पॉल ने डॉ चतुर्थी का स्वागत किया. प्रो गुप्ता ने कहा कि इएसजी जैसे वास्तविक अध्ययन पर शैक्षिक चर्चाएं नई सोच और समाधान को जन्म देती है. हमें अध्ययन, नीति और व्यावहारिक दृष्टिकोण को जोड़ने की दिशा में प्रयास करना चाहिए. सत्र में इएसइ व सिविल इंजीनियरिंग विभाग के छात्र, शोधार्थी, सदस्य व कर्मचारी थे. समापन फेलिसीट्यूशन सेरेमनी से हुआ, जिसमें प्रो गुप्ता ने डाॅ चौधरी को स्मृति ��िन्ह भेंट की. मौके पर कई मनोवैज्ञानिक सदस्य आदि थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Om prakash rawani

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >