शहर में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण जमुनिया नदी उफान पर है. लगातार हो रही बारिश से माटीगढ़ा डैम का जलस्तर खतरे के निशान से चार फीट ऊपर पहुंच गया है. इससे तटीय इलाकों में खतरा बढ़ गया है.
खनन और परिवहन पर भी पड़ा असर
ब्लॉक-दो क्षेत्र के एबीओसीपी माइंस में जलभराव के कारण कोयला उत्पादन 60 प्रतिशत तक प्रभावित हो गया है. हाइवाल माइनिंग फेस में पानी भर जाने से आउटसोर्सिंग कंपनी अंबे माइनिंग और खेमका कैरियर की परियोजनाओं में काम पूरी तरह रुक गया है. हॉल रोड पर कीचड़ और भारी फिसलन के कारण कोयले का परिवहन (ट्रांसपोर्टिंग) बाधित हो गया है.
खदान से निकाला जा रहा पानी
खदानों में जमा पानी निकालने के लिए हेवी मोटर पंप लगाये गये हैं. सुरक्षा के मद्देनजर आउटसोर्सिंग कंपनियों ने भारी मशीनों को सुरक्षित ग्रीन जोन में खड़ा करा दिया है. जीएम कुमार रंजीव ने मौजूदा हालात को देखते हुए सभी खनन अधिकारियों और तकनीकी टीम को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिये हैं.
