बीसीसीएल बरोरा एरिया में भ्रष्टाचार और मजदूरों के शोषण का आरोप लगाते हुए जनता मजदूर संघ ने प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है. गुरुवार को डुमरा गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जमसं नेता गोपाल मिश्रा और बरोरा क्षेत्रीय सचिव मंगल हेंब्रम ने प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाये.
नेताओं ने कहा कि कोयला उत्पादन का लक्ष्य पूरा नहीं हो रहा है और प्रबंधन कोलियरियों को आउटसोर्सिंग कंपनियों के हवाले करने की तैयारी में है. इससे कोलियरियों के बंद होने का खतरा बढ़ रहा है.
7 सितंबर को बरोरा एरिया कार्यालय के समक्ष धरना
जमसं नेताओं ने कहा कि देशहित और मजदूर हित से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा. प्रबंधन की कथित मनमानी के खिलाफ जनता मजदूर संघ आर-पार की लड़ाई लड़ेगा. आंदोलन की शुरुआत 7 सितंबर को बरोरा एरिया कार्यालय के समक्ष एकदिवसीय धरने से होगी. इसके बाद चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा.
अस्पताल और मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने बरोरा अस्पताल की व्यवस्था पर भी सवाल उठाये. उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों को जरूरी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. इसके अलावा आवासों की कथित बिक्री और कार्यालयों से अधिकारियों के गायब रहने का भी आरोप लगाया गया. नेताओं ने कहा कि मेनपावर बजट अब तक नहीं आया है. मधुबन में इंदु कंपनी को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी हुई है.
आउटसोर्सिंग को लेकर जतायी चिंता
जमसं नेताओं ने कहा कि कोलियरियों को आउटसोर्सिंग कंपनियों के हवाले करने की तैयारी मजदूरों के हित में नहीं है. इससे रोजगार और कोलियरी संचालन को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है. नेताओं ने प्रबंधन से मजदूर हितों को प्राथमिकता देने की मांग की.
बोले- बरोरा एरिया को आजाद करना होगा
गोपाल मिश्रा और मंगल हेंब्रम ने कहा, "बरोरा एरिया हाईजैक हो गया है. इसे किसी पैकेट में बंद नहीं रहने दिया जाएगा, इसे आजाद करना होगा." नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों के हितों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को निर्णायक चरण तक ले जाया जाएगा.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गणेश सिंह, विनोद मिस्त्री, सोनू सिंह, महेश श्रीवास्तव, ढाल चंद महतो, महेंद्र कुमार रवानी, सूर्य बलि साव, बिनोद कुमार मिस्त्री, डीसी देशवासी, एतवारी साव और विष्णु कुमार समेत अन्य लोग मौजूद थे.
