Dhanbad News : जामाडोबा स्थित जामाडा जल संयंत्र केंद्र से झरिया व आसपास के क्षेत्रों में आंशिक जलापूर्ति होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं होने से आम लोगों में जामाडा कर्मियों के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है. वहीं जल संयंत्र के कर्मियों का कहना है कि बिजली की निर्बाध आपूर्ति नहीं मिलने के कारण जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है. लोग 20 से 30 रुपये प्रति जार पानी खरीदकर अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करने को मजबूर हैं. जानकारी के अनुसार, कभी डीवीसी में मेंटेनेंस तो कभी जामाडोबा आरएस फीडर में तकनीकी खराबी के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है. झरिया अग्नि प्रभावित क्षेत्र होने के कारण यहां वैकल्पिक जल स्रोतों का भी अभाव है. क्षेत्र में न तो पर्याप्त कुएं हैं और न ही चापाकल. पूर्व में कोलियरियों से मिलने वाले पिट वाटर का उपयोग लोग कपड़े धोने, बर्तन साफ करने एवं अन्य घरेलू कार्यों में कर लेते थे, लेकिन अब वह व्यवस्था भी धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है.
लगातार बिजली कटौती से प्रभावित हुआ जल भंडारण : जल संयंत्र में पिछले दिनों हुई बिजली कटौती के कारण जलापूर्ति पर प्रतिकूल असर पड़ा. कर्मियों के अनुसार, थोड़े समय के लिए भी बिजली बाधित होने पर रॉ वाटर को जल भंडारण गृह तक पहुंचाने और पूरी प्रक्रिया को सामान्य करने में लगभग दो घंटे का समय लग जाता है.भागा फीडर के उपभोक्ता भी रहे परेशान: दूसरी ओर, भागा फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को भी सोमवार को भीषण गर्मी के बीच लंबे समय तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा. सुबह लगभग 11 बजे बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद आठ घंटे तक बहाल नहीं हो सकी. इससे लोगों में काफी नाराजगी देखी गयी. बिजली कटौती डीवीसी एवं फीडर के रखरखाव कार्य के कारण की गयी बतायी जा रही है. दिनभर बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कार्यों तथा व्यापारिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा. इस संबंध में जामाडा के कनीय अभियंता आशुतोष राणा ने बताया कि जल संयंत्र को निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं मिलने के कारण पेयजल वितरण प्रभावित हो रहा है.
