Dhanbad News : कोयलांचल में सक्रिय हैं लोहा चोर, बीसीसीएल के वर्कशॉप व गोदाम हैं शॉफ्ट टार्गेट

चोरी के वाहनों को भी काट कर बेच देते हैं लोहा व अन्य सामान

कोयलांचल में ना केवल कोयले के अवैध धंधेबाजों की चांदी है, बल्कि यहां पर लोहा चोरों ने जड़ जमा लिया है. यहां इनका आसान टार्गेट कोल सेक्टर में बंद या बेकार पड़े कोल कंपनियों के उपकरण हैं. धीरे-धीरे कर ऐसे उपकरणों को काट कर स्थानीय गोदामों में डंप किया जाता है, फिर वहां से वाहनों द्वारा बाहर भेजा जाता है. कई जगह तो गला देने की भी व्यवस्था है. इस धंधे में कई क्षेत्र के लोग शामिल हैं. इस धंधे में बासेपुर के गोल्डेन की चमक कायम है, तो भागा के भाग्य खुले हैं. इधर, भूली आम बगान के भी कारनामें कम नहीं. स्थानीय स्तर पर इनकी सेटिंग इतनी जबरदस्त होती है, कि मामले का खुलासा शायद ही कभी होता है.

गायब हो गयीं ट्रॉली, अवशेष बचे हैं

एक समय था जब कुछ कोल सेक्टर में कोयला रोप पर चलने वाले ट्रॉली के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जाता था. कुछ कारणों से जब यह सिस्टम बंद हुआ तो लोहा चोरों की चांदी हो गयी. ऐसे कई ट्रॉली, उसके रोप और खंभे चोरों ने काट कर बेच दिये. लोहा चोरों हिम्मत इतनी है कि कई कोलियरियों में तो वो सुरक्षा कर्मियों को बंधक बना कर वहां से लोहा चोरी कर लेते हैं. सनद रहे कि शनिवार की रात धनबाद पुलिस ने रांगाटांड़ में डेढ़ टन लोहा, तांबा व अन्य वस्तुओं को जब्त किया था.

कई गिरोह शामिल हैं इस धंधे में

लोहा चोरी के इस धंधे में कई गिरोह शामिल हैं. इनके लोग दिन में इलाके में घूमते रहते हैं और रात होते ही गैस कटर और सभी उपकरण लेकर पहुंच जाते हैं. पूरी रात लोहा, तांबा और अन्य कीमती धातु काट कर उसे विभिन्न लोहा गोदाम में बेच देते हैं.

ये स्थान हैं आसान टार्गेट

जानकारों के अनुसार चोरी की अधिक घटनाएं पुटकी, ईस्ट बसुरिया, भूली, तेतुलमारी, झरिया, भागा, लोदना, भौंरा, सुदामडीह, अलकडीहा, बरोरा, बाघमारा और कतरास में होती हैं. लोहा चोर कई बार दिन के उजाले में खदान में घुस जाते हैं और महंगे केबल काट लेते हैं. कुछ माह पहले ही एक बंद खदान में चोर घुस गये थे, पूरी रात पुलिस और सुरक्षा कर्मी पहरा देते रहे, पर एक भी चोर पकड़े नहीं गये.

जहां सबसे ज्यादा होती है खरीद-बिक्री

यूं तो धनबाद में चोरी का लोहा खरीदने वाले कम नहीं हैं, पर सबसे ऊपर नाम है कपुरिया, महुदा के वी वर्मा, भूली ओपी क्षेत्र के गोल्डन, झरिया के एस लाल व चिरकुंडा के एस ठठेरा का. इनके अलावा गोविंदपुर, कतरास, निरसा और अन्य इलाकों में भी कई धंधेबाज हैं, जो लोहा चोरों से चोरी का लोहा खरीदकर उसे ज्यादा दाम में प्लांटों में सप्लाई करते हैं. चोरी का तांबा और एल्युमिनियम कोलकाता के बाजार में खपाया जाता है. इधर, बैंक मोड़ थाना क्षेत्र में चोरी की बाइक से लेकर बड़ी गाड़ियों को काटने का भी धंधा जारी है. ऐसे वाहनों को काट कर उनका लोहा बेच दिया जाता है, जबकि पार्ट्स बाजार में बेचा जाता है.

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Published by: Narendra kumar singh

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