बाहुबली सांड के आतंक मिली मुक्ति, गोशाला बना नया ठिकाना

नगर निगम की टीम ने हीरापुर से तीन सांडों को उठाकर कतरास गोशाला पहुंचाया, कतरास गोशाला में सांडों को रखने के लिए अलग-अलग बाड़ा बनाने की कवायद शुरू

मुख्य संवाददाता, धनबाद,

आखिरकार बाहुबली सांड के आतंक से लोगों को राहत मिल गयी. बुधवार की देर रात नगर निगम व कतरास गौशाला की 20 सदस्यीय टीम ने तेलीपाड़ा से बाहुबली सांड को उठाकर गोशाला पहुंचा दिया है. इसके अलावा चिल्ड्रेन पार्क से एक व नगर निगम गेट के पास से सांड को उठाया गया. सभी को कतरास गोशाला पहुंचाया गया. देर रात सांड को पकड़ने निकली टीम को बाहुबली को खोजने में दो से तीन घंटे लग गये. अंतत: तेलीपाड़ा में उसे पकड़ा गया. दो दिन पहले बाहुबली ने तेलीपाड़ा के एक वृद्ध महिला को मार डाला था. तेलीपाड़ा के लोगों के आक्रोश के बाद नगर निगम ने टीम बनाकर बुधवार से आवारा पशुओं को पकड़ने का अभियान शुरू किया. सड़क पर जितने आवारा पशु घूम रहे हैं, सभी को पकड़कर गोशाला पहुंचाया जायेगा. नगर निगम की टीम हर दिन सांडों को पकड़ेगी.

निगम की इंजीनियरिंग टीम पहुंची गोशाला, बाड़े के लिए तैयार किया प्राक्कलन :

नगर निगम की इंजीनियरिंग टीम गुरुवार को कतरास गौशाला पहुंची. शहर के आवारा सांडों को रखने के लिए अलग-अलग बाड़े का प्राक्कलन तैयार किया. सहायक नगर आयुक्त प्रकाश कुमार ने बताया कि चुनाव आचार संहिता के खत्म होने के बाद बाड़ा बनाने का टेंडर निकाला जायेगा. तब तक गोशाला में अलग से सांडों को रखने की व्यवस्था होगी, जो पशुपालक अपने गोवंशों को सड़क पर छोड़ देते हैं उन्हें चिन्हित कर दंड शुल्क भी वसूला जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >