धनबाद नगर निगम क्षेत्र के बरमसिया के भूदा गांव के लोग विभिन्न विभागों की उदासीनता का नतीजा भुगत रहे हैं. यहां जल संकट गंभीर मसला है. स्थानीय लोगों के अनुसार गांव में निगम ने छह चापाकल लगाये थे. इनमें से पांच खराब हो चुके हैं. एक मात्र चापाकल पर पांच हजार से अधिक की आबादी निर्भर है. गर्मी के मौसम में लोगों को जल संकट अधिक झेलना पड़ता है. गांव में पाइप के माध्यम से जलापूर्ति होती है, मगर वह भी हफ्ते में सिर्फ एक दिन. कॉलोनी के लोग आज भी ड्रम, बाल्टी से पानी खरीद रहे हैं. यहां पेयजल की सबसे बड़ी समस्या है. गांव के स्थानीय निवासियों ने बताया कि पास के चार लोगों ने मिलकर कुआं की खुदाइ की थी. उसी से स्थानीय लोग पानी भरते हैं. गर्मी के मौसम में उसका जल स्तर भी नीचे चला जाता है. इस वजह से लोगों को और भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है. टैंकर मंगाकर कुआं में पानी भरना पड़ता है.
सड़क पर नीचे लटके रहते हैं बिजली के तार :
गांव में बिजली के तार सड़क पर लटके रहते हैं. बिजली के तारों से उलझी लताओं से करंट दौड़ता रहता है. किसी तरह की शॉर्ट सर्किट होने पर पूरा गांव आग की चपेट में आ जायेगा. इलाके में घनी आबादी होने के वजह से हमेशा खतरा बना रहता है. जगह-जगह ट्रांसफॉर्मर लगाये गये हैं. मगर उसके आसपास न तो सुरक्षा ग्रील है और न हीं जलियां लगी है. बिजली के तार भी लूज पड़े हैं.रात में गांव की सड़क पर वाहन चलाना खतरनाक :
गांव में नयी सड़क बनायी गयी है. सड़कों के किनारे रिफ्लेक्टर नहीं होने के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है. रात के अंधेरे में वाहन चालकों को सड़क किनारा या मोड़ दिखाई नहीं देता. इस कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.क्या कहते हैं निवासी
छह में से पांच चापाकल खराब हो चुके हैं. एक है, उससे भी कभी-कभी पानी नहीं आता है. यहां सप्लाइ पानी की व्यवस्था ह, मगर वह भी कभी एक दिन, तो कभी एक हफ्ते के बाद आता है. गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी बढ़ जाती है.
राजेश रवानी
किसी के निजी कुआं से पानी भरते हैं. उसका भी जलस्तर नीचे चला जाता है. बाहर से टैंकर बुलाकर पानी भरते हैं. इससे परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ आता है. कई बार विभाग में शिकायत करने के बाद भी अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है.भानुमती देवी
कई बार स्थानीय पार्षद से शिकायत की गयी. मगर उनिर तरफ से कोई कारवाई नहीं हुई. पार्षद कहते हैं खुद निगम जाकर काम करवा लें. ठंड का मौसम किसी तरह बीत गया. ज्यादा दिक्कत गर्मी में होगी. पानी के लिए लोगों को भटकना पड़ेगा.विशाल रवानी
पूरे गांव में पानी की बहुत बड़ी समस्या है. बिजली के तार भी नीचे लटके रहते हैं. इस वजह से कई बार बड़ी दुर्घटना होते होते बची. बिजली विभाग द्वारा इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गयी. बिजली के झटके से बच्चों की सुरक्षा की बड़ी चिंता है.
सुखनी देवी
गांव में नयी सड़क बनवाई गयी है. सड़क किनारे रिफ्लेक्टर नहीं दिया गया है. इस वजह से रात में सड़क का किनारा खत्म होने का पता नहीं चल पता है. इससे दुर्घटना हो जाती है. बिजली के तारों पर लत्तर लटके हुए हैं. इससे तार नीचे झुके हुए हैं.संदीप बनर्जीB
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