कैलूडीह भुइयां बस्ती में सोमवार को जमीन के नीचे छिपे खतरे ने एक बार फिर ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी. अचानक तेज आवाज के साथ अनिल भुइयां के आवास में गोफ बन गया, जिससे एक कमरा पूरी तरह ध्वस्त हो गया. वहीं, घर के अन्य कमरों की दीवारों में भी दरारें पड़ गयीं. गोफ से गैस निकलने की सूचना के बाद बस्ती में अफरा-तफरी मच गयी और लोग घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे.
सूचना मिलने पर न्यू आकाशकिनारी कोलियरी के सेफ्टी ऑफिसर उपेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. घटना के बाद प्रभावित परिवार के घर का सामान निकालकर आंगनबाड़ी केंद्र में रखवा दिया गया है.
पहले से डेंजर जोन घोषित है इलाका
न्यू आकाशकिनारी कोलियरी के पीओ अरविंद कुमार झा ने बताया कि घटनास्थल वाला इलाका पहले से ही डेंजर जोन घोषित है. बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों को कई बार नोटिस जारी कर घर खाली करने को कहा गया था. इसके बावजूद लोग वहां रह रहे थे.
उन्होंने बताया कि मंगलवार से बस्ती के लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
आंगनबाड़ी केंद्र में रखा गया सामान
अखिल भारतीय महादलित के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार दास ने बताया कि अनिल भुइयां के घर का सामान निकालकर आंगनबाड़ी केंद्र में रखवा दिया गया है. फिलहाल प्रभावित परिवार वहीं शरण लेगा. घटना के बाद बस्ती के लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है.
पूर्व बियाडा अध्यक्ष ने किया गोफ का निरीक्षण
इधर, बियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार झा ने लकड़का क्षेत्र में बने गोफ का निरीक्षण किया. उन्होंने गोफ की घटनाओं के लिए बीसीसीएल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए पूरे क्षेत्र की वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक जांच के माध्यम से यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि किन-किन इलाकों में जमीन के नीचे खतरा मौजूद है, ताकि लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके.
