Dhanbad News: नयी शिक्षा नीति के तहत छात्रों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिलेगा और उनके करियर के नये द्वार खुलेंगे. स्नातक चार वर्षीय कोर्स (सत्र 2022-25/26) में नामांकित छात्रों के सामने 2025 में तीन विकल्प होंगे. नये नियमों के तहत स्नातक में तीन वर्ष पूरा करने के बाद छात्र चौथे वर्ष में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए तीन अलग-अलग रास्तों में कोई एक चुन सकते हैं. छात्रों को अपनी रुचि व योग्यता के आधार पर किसी एक विकल्प को चुनना होगा. छात्रों के सामने पहला विकल्प ऑनर्स विद रिसर्च, दूसरा ऑनर्स डिग्री और तीसरा पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा होगा.
ऑनर्स विद रिसर्च
अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए जो छात्र इस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं, वे इस विकल्प को चुन सकते हैं, जिनका छठे सेमेस्टर तक 7.5 सीजीपीए ग्रेड प्वाइंट आया हो. उनके लिए ‘बैचलर डिग्री विकल्प में छात्रों को रिसर्च प्रोजेक्ट करना होगा, जिसे विश्वविद्यालय या कॉलेज के अनुभवी फैकल्टी मेंटर के मार्गदर्शन में पूरा करना है. इसमें छात्रों को शोध के लिए 12 क्रेडिट दिये जाएंगे. इसमें छात्रों को चौथे वर्ष के दौरान या आठवें सेमेस्टर के अंत तक रिसर्च प्रोजेक्ट अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा. पूरे आठ सेमेस्टर के दौरान छात्रों को 164 क्रेडिट की पढ़ाई करनी होगी.
ऑनर्स डिग्री
इस विकल्प को चुनने वाले छात्रों को सातवें और आठवें सेमेस्टर में मेजर और माइनर दोनों पेपर में एडवांस लेबल का कोर्स करना होगा. इसमें छात्रों को रिसर्च की जगह एडवांस लेबल के कोर्स करने होंगे. कुल कोर्स 164 क्रेडिट का होगा. छात्रों को अधिक गहराई से विषय समझने का अवसर मिलेगा.
पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा
सातवें और आठवें सेमेस्टर में इस विकल्प को चुनने वाले छात्रों को उद्योग की मांग के अनुसार वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई करनी होगी. इससे छात्र जॉब मार्केट के अनुसार वोकेशनल कोर्स कर अपने करियर को मजबूत बना सकते हैं. उनके लिए पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा का विकल्प रखा गया है. छात्रों को 164 क्रेडिट के साथ पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा प्रदान किया जाएगा.
मल्टी एंट्री और मल्टी एग्जिट
नये रेगुलेशन में छात्रों को मल्टी एंट्री और मल्टी एग्जिट का अवसर दिया गया है. छात्रों को उनके अध्ययन के विभिन्न चरणों में उपयुक्त प्रमाण पत्र, डिप्लोमा और डिग्री प्रदान करने की व्यवस्था की गई है. यह लचीलापन छात्रों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों को मान्यता देने और भविष्य की संभावनाओं को बढ़ाने में सहायक होगा. हालांकि हर स्तर पर वोकेशनल कोर्स को अनिवार्य कर दिया है.
यूजी सर्टिफिकेट
यदि कोई छात्र दो सेमेस्टर पूरे करने के बाद कार्यक्रम से बाहर होना चाहता है, तो उसे अंडरग्रेजुएट सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा. इसके लिए न्यूनतम 40 क्रेडिट और एक व्यावसायिक कोर्स/इंटर्नशिप/प्रोजेक्ट (4 क्रेडिट) पूरा करना अनिवार्य होगा.
यूजी डिप्लोमा
चार सेमेस्टर पूरा करने वाले छात्र अंडरग्रेजुएट डिप्लोमा के पात्र होंगे. इसके लिए न्यूनतम 80 क्रेडिट और एक व्यावसायिक कोर्स/इंटर्नशिप/प्रोजेक्ट (4 क्रेडिट) पूरा करना आवश्यक होगा.
स्नातक डिग्री :
छह सेमेस्टर पूरा करने वाले छात्र बैचलर डिग्री प्राप्त कर सकते हैं. इसके लिए पूरा कोर्स 120 क्रेडिट का होगा. इसमें चार क्रेडिट की अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी करनी होगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
