धनबाद, जिले में मनरेगा योजना के संचालन पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने हड़ताली मनरेगा कर्मियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) की ओर से शनिवार को सूचना जारी की गयी. इसके तहत ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार के निर्देश के आलोक में उपायुक्त सह जिला कार्यक्रम समन्वयक आदित्य रंजन ने सभी हड़ताली मनरेगा कर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि सूचना प्रकाशन की तिथि से सात दिनों के भीतर सेवा में लौटकर संबंधित प्रखंड में योगदान देना सुनिश्चित करें.
सूचना में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सेवा में वापस नहीं लौटने वाले कर्मियों के बारे में यह माना जाएगा कि वे मनरेगा अधिनियम, 2005 की भावना के विपरीत कार्य कर रहे हैं और संविदा सेवा जारी रखने के इच्छुक नहीं हैं. ऐसी स्थिति में संबंधित कर्मियों के विरुद्ध नियमसम्मत कार्रवाई करते हुए उनकी संविदा सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. बताया गया कि जिले में संविदा आधारित मनरेगा के कई क्षेत्रीय कर्मी मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. इससे मनरेगा के संचालन और रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है. प्रशासन के अनुसार, हड़ताल के कारण कई योजनाओं का कार्य बाधित हुआ है तथा निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले मानव दिवस सृजन में भारी गिरावट दर्ज की गयी है.Dhanbad News: मनरेगा कर्मियों को हड़ताल खत्म करने को लेकर सात दिनों का मिला अल्टीमेटम
Dhanbad News: मार्च से जारी हड़ताल से प्रभावित हो रहा योजना का क्रियान्वयन, काम पर नहीं लौटने वाले कर्मियों की संविदा सेवा हो सकती है समाप्त.
