धनबाद, धनबाद जिले का केंदुआडीह थाना अब अपने अस्तित्व को लेकर गंभीर संकट से गुजर रहा है. वर्षों पुराना थाना भवन लगातार हो रहे भू-धंसान, भूमिगत आग व जहरीली गैस रिसाव की घटनाओं के बीच बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है. प्रशासन ने अब स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाते हुए नए स्मार्ट थाना भवन के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है. अंचल अधिकारी, पुटकी की रिपोर्ट के अनुसार नए भवन के लिए कुल 4.25 एकड़ जमीन चिह्नित की गयी है. यह जमीन केंदुआडीह मौजा संख्या-63 के प्लॉट संख्या-106 में स्थित है. इसमें खंड-एक की 1.25 एकड़ जमीन जहां अभी वर्तमान में बीसीसीएल का क्वार्टर एवं कार्यालय मौजूद है. वहीं खंड-दो की तीन एकड़ परती और खाली भूमि है. पुलिस मुख्यालय की ओर से मंजूरी मिलने के बाद थाना बनाने का काम शुरू किया जाएगा.
बीसीसीएल व बीएसएनएल से मांगी गयी एनओसीचिह्नित जमीन बीसीसीएल के अधीन है और कुछ भवन बीएसएनएल से संबंधित हैं, इसलिए एसएसपी ने दोनों संस्थानों से अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है. उच्च अधिकारियों से आग्रह किया गया है कि नये स्मार्ट थाना भवन के निर्माण को जल्द मंजूरी दी जाए ताकि पुलिस बल और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके तथा थाना का संचालन आधुनिक सुविधाओं के साथ सुरक्षित वातावरण में किया जा सके.
खनन प्रभावित क्षेत्र में फंसा थाना
केंदुआडीह इलाका लंबे समय से कोयला खनन, भूमिगत आग और भू-धंसान की समस्या से जूझता रहा है. बीसीसीएल की कई बंद और चालू खदानों के बीच बसे इस क्षेत्र में जमीन धंसने और जहरीली गैस निकलने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं. हाल के महीनों में केंदुआडीह थाना के आसपास भी कई बार कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस का रिसाव हुआ, जिससे इलाके में दहशत फैल गई.
बीसीसीएल ने दी थाना हटाने की सलाहस्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीसीसीएल अधिकारियों ने भी बीते दिनों निरीक्षण के बाद वर्तमान थाना भवन को वहां से हटाने की सलाह दी थी. इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर केंदुआपुल के पास स्थित खाली पड़े बीएसएनएल एक्सचेंज भवन में थाना को अस्थायी रूप से शिफ्ट किया गया.
