धनबाद, जिला परिषद की जमीन पर संचालित क्लबों की संपत्तियों को लेकर अब जिला परिषद प्रशासन सक्रिय हो गया है. जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जिला परिषद की एक-एक परिसंपत्ति का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा और जिन संस्थाओं को पूर्व में जमीन आवंटित की गई है, उनसे आवंटन की प्रक्रिया और शर्तों का पूरा विवरण मांगा जाएगा. इसी क्रम में धनबाद क्लब को नोटिस भेजकर जमीन आवंटन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा जाएगा. अध्यक्ष ने कहा कि जिस प्रकार यूनियन क्लब जिला परिषद की जमीन पर संचालित है, उसी प्रकार धनबाद क्लब भी जिला परिषद की जमीन पर बना हुआ है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि जमीन का आवंटन किन परिस्थितियों में किया गया था, उसकी शर्तें क्या थीं और वर्तमान में उन शर्तों का पालन हो रहा है या नहीं. जरूरत पड़ने पर संबंधित मामलों को अदालत तक ले जाया जाएगा. अध्यक्ष ने बताया कि यूनियन क्लब से जुड़ा मामला पहले से न्यायालय में विचाराधीन है और उस पर भी जल्द स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है.
ग्रामीणों को नहीं मिलता क्लब का लाभ
जिला परिषद सभी संपत्तियों के संबंध में एक समान नीति अपनाने के पक्ष में है ताकि सार्वजनिक परिसंपत्तियों का उपयोग व्यापक जनहित में हो सके. उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को इन प्रतिष्ठित क्लबों की सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता है, जबकि जमीन सार्वजनिक संस्था की है. ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जिला परिषद की संपत्तियों का उपयोग केवल सीमित वर्ग तक न रहकर आम लोगों के हित में भी हो.
