Dhanbad News: वर्षों से लंबित 3,039 मामलों में दाखिल हुई चार्जशीट, अब शुरू होगी ट्रायल
Dhanbad News: लापरवाही व उदासीनता के कारण वर्षों तक न्यायिक प्रक्रिया से बाहर रहे मामले, एसएसपी की पहल पर मई माह में चलाया गया विशेष अभियान.
धनबाद, धनबाद पुलिस ने वर्षों से लंबित 3,039 आपराधिक मामलों में चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. जिले में वर्ष 1988 से अब तक के इन मामलों में समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं की गयी थी. पुलिस अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता के कारण ये मामले वर्षों तक न्यायिक प्रक्रिया से बाहर रहे. हालांकि, धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार की पहल पर मई माह में चलाए गए विशेष अभियान के तहत सभी लंबित मामलों की चार्जशीट न्यायालय में समर्पित कर दी गयी. इसके साथ ही इन मामलों की सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है. यह मामला तब उजागर हुआ जब धनबाद पुलिस ने पहली बार लंबित चार्जशीट मामलों की व्यापक समीक्षा शुरू की. पता चला कि विभिन्न थाना क्षेत्रों में वर्षों से केस डायरी और चार्जशीट लंबित पड़ी हुई थी.
चार्जशीट के अभाव में ठप रही न्यायिक प्रक्रिया
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी आपराधिक मामले में पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किए बिना अदालत में ट्रायल शुरू नहीं हो सकता. ऐसे में 3039 मामलों का वर्षों तक लंबित रहना पुलिस व्यवस्था की गंभीर विफलता माना जा रहा है. इस अभियान की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि न्यायालय में प्रस्तुत किए गए मामलों में करीब तीन दशक पुराने कांड भी शामिल हैं. इनमें पुटकी थाना कांड संख्या 06/1998 तथा झरिया थाना कांड संख्या 86/1999 जैसे अत्यंत पुराने मामले शामिल हैं, जिनकी चार्जशीट अब जाकर न्यायालय में प्रस्तुत की गयी है.
दूसरे जिलों के एसपी को भी लिखा गया पत्र
एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि कई ऐसे अनुसंधान पदाधिकारी (आइओ) थे, जिनका तबादला दूसरे जिलों में हो चुका था. ऐसे सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर लंबित चार्जशीट दाखिल कराने का अनुरोध किया गया. वहीं जिले के भीतर दूसरे थानों में पदस्थापित आइओ को भी निर्धारित समय सीमा के भीतर लंबित मामलों की चार्जशीट न्यायालय में समर्पित करने का निर्देश दिया गया. उन्होंने कहा कि सभी 3039 मामलों में चार्जशीट समर्पित करने का कार्य पूरा कर लिया गया है और भविष्य में भी लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी.