धनबाद मुनीडीह गैस कांड: मौत का आंकड़ा पहुंचा 4! जंगल में मिला एक और शव, लोहा चोरी के चक्कर में हुआ था हादसा

Dhanbad Gas Leak Case: धनबाद के मुनीडीह स्थित बंद पड़े कैप्टिव पावर प्लांट में हुए भीषण क्लोरीन गैस रिसाव कांड में मृतकों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है. सोमवार को लापता वसीम अंसारी का शव बाउंड्री के पास जंगल में मिलने से हड़कंप मच गया. पढ़ें, कैसे एक छोटी सी लापरवाही ने मुनीडीह में मौत का तांडव मचा दिया.

Dhanbad Gas Leak Case, धनबाद (प्रतीक पोपट की रिपोर्ट): धनबाद के मुनीडीह स्थित वर्षों से बंद पड़े कैप्टिव पावर प्लांट में शनिवार रात हुए क्लोरीन गैस रिसाव मामले में सोमवार को मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है. सोमवार सुबह प्लांट की बाउंड्री से लगभग 20 मीटर दूर पूर्वी छोर के घने जंगल में एक और युवक का शव औंधे मुंह पड़ा मिला. मृतक की पहचान केंदुआडीह राजपूत बस्ती निवासी 35 वर्षीय वसीम अंसारी के रूप में की गई है. शनिवार रात को जहरीली गैस के प्रभाव से वह बेहोश होकर जंगल की ओर गिर गया था, जिसकी तलाश जारी थी. इस दुखद खबर के बाद मृतक के परिजनों में चीख-पुकार मची हुई है.

लोहा चोरी की कोशिश और गैस कटर का जानलेवा प्रहार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार की रात लगभग 15 युवक बंद पड़े प्लांट के परिसर में लोहा चोरी करने के उद्देश्य से अवैध रूप से घुसे थे. चोरों ने जैसे ही गैस कटर की सहायता से वहां रखी क्लोरीन गैस से भरी एक भारी टंकी को काटने का प्रयास किया, वैसे ही गैस का तीव्र रिसाव शुरू हो गया. जहरीली क्लोरीन गैस फैलते ही वहां उपस्थित युवकों में अफरा-तफरी मच गई. गैस की चपेट में आने से कई युवक मौके पर ही अचेत हो गए. घटना की रात ही बचाव दल ने संजय यादव, आनंद ताम्रकार उर्फ भोंदा और अजहरुद्दीन के शव बरामद कर लिए थे, जबकि वसीम का शव आज बरामद हुआ है.

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आधा किलोमीटर तक मौत का साया, CISF जवान भी चपेट में

क्लोरीन गैस का प्रभाव इतना घातक था कि इसका असर प्लांट के करीब आधा किलोमीटर के दायरे तक देखा गया. इस जहरीली हवा की चपेट में आने से कपालघाट पंप हाउस में तैनात सीआईएसएफ (CISF) के तीन जवान दर्शन सिंह, विपिन कुमार और ज्ञान सिंह अचेत हो गए. इसके अतिरिक्त बीसीसीएल कर्मी पूना बाउरी और आउटसोर्सिंग कर्मचारी दुनिया लाल सिंह भी गंभीर रूप से बीमार पड़ गए. सभी घायलों का उपचार वर्तमान में धनबाद के सेंट्रल अस्पताल में चल रहा है, जहां कुछ की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है.

सुरक्षा में चूक और खंडहर बना पावर प्लांट

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह पावर प्लांट कई वर्षों से बंद पड़ा है, हालांकि परिसर के एक हिस्से में ओएनजीसी द्वारा मिथेन गैस परीक्षण का कार्य संचालित है. प्लांट की पिछली चहारदीवारी के कई स्थानों से टूटे होने के कारण यह क्षेत्र असामाजिक तत्वों और कबाड़ चोरों के लिए ‘सॉफ्ट टारगेट’ बन गया है. ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी ने बताया कि अवैध रूप से गैस टंकी काटने के दौरान यह रिसाव हुआ, जो इस जानलेवा हादसे का कारण बना. पुलिस ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उस रात कुल कितने लोग परिसर के भीतर मौजूद थे.

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लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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