धनबाद. शुक्रवार को देशव्यापी बैंक हड़ताल का धनबाद में व्यापक असर देखने को मिला. जिले में राष्ट्रीयकृत बैंकों की 341 शाखाएं बंद रहीं. हड़ताल के कारण करीब 200 करोड़ रुपये का बैंकिंग ट्रांजेक्शन प्रभावित होने का अनुमान है. कई स्थानों पर एटीएम सेवा भी प्रभावित रही, जिससे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की लंबित मांगों तथा सरकार की नीतियों के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर यह हड़ताल की गयी. शुक्रवार को बैंक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा. शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण अब बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज सोमवार से शुरू होगा.
बैंक मोड़ पर कर्मचारियों ने निकाली रैली
हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपनी-अपनी शाखाओं के सामने प्रदर्शन किया. बैंक मोड़ पर विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से रैली निकाली. इसके बाद एसबीआइ शाखा के सामने प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की.
प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने कहा कि बैंक कर्मचारी और अधिकारी देश की अर्थव्यवस्था तथा बैंकिंग व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसके बावजूद उनकी लंबित मांगों और द्विपक्षीय समझौतों की भावना की अनदेखी स्वीकार नहीं की जायेगी.
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28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल
बैंक यूनियनों ने कहा कि यूएफबीयू के घोषित कार्यक्रम के अनुसार 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल की जायेगी. इसके बाद भी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गयी है.
यूनियन नेताओं ने बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन और तेज करने का आह्वान किया. उन्होंने सरकार और बैंक प्रबंधन से कर्मचारियों की समस्याओं पर सार्थक और द्विपक्षीय बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की मांग की.
पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग
यूनियन की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना शामिल है. कर्मचारियों का कहना है कि यह मांग लंबे समय से लंबित है और सरकार को इस पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए.
इसके अलावा सरकार की एकतरफा और भेदभावपूर्ण पीएलआइ यानी प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना को वापस लेने या उसके क्रियान्वयन को स्थगित रखने की मांग की गयी है.
यूनियनों ने पीएलआइ योजना में आवश्यक संशोधन के लिए बैंक यूनियनों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने तथा बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े सभी लंबित एवं अवशिष्ट मुद्दों का जल्द समाधान करने की मांग की है.
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगें
- पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू की जाये.
- एकतरफा एवं भेदभावपूर्ण पीएलआइ योजना वापस ली जाये या इसके क्रियान्वयन को स्थगित रखा जाये.
- बैंक यूनियनों के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर पीएलआइ योजना में आवश्यक संशोधन किया जाये.
- बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े सभी लंबित एवं अवशिष्ट मुद्दों का शीघ्र समाधान किया जाये.
