रेलकर्मियों का हल्ला बोल: जंतर-मंतर में चल रहे धरने के समर्थन में धनबाद में प्रदर्शन, केंद्र सरकार को चेताया

Dhanbad ALRSA Protest: रेलवे की रीढ़ कहे जाने वाले लोको रनिंग स्टाफ अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं. गोमो में शुक्रवार को भत्तों में कटौती, छुट्टियों पर पाबंदी और मनमाने तबादलों के खिलाफ कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा. 'जंतर-मंतर' से उठी विरोध की यह लहर अब धनबाद रेल मंडल में बड़े आंदोलन की आहट दे रही है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

Dhanbad ALRSA Protest, धनबाद (बेंक्टेश शर्मा): धनबाद के गोमो में ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (ALRSA) के बैनर तले शुक्रवार को लोको रनिंग कर्मियों ने धरना दिया और केंद्र सरकार व रेल प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी जताई. यह विरोध दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे राष्ट्रीय धरने के समर्थन में आयोजित किया गया.

देशव्यापी आंदोलन को मिला स्थानीय समर्थन

पूर्व मध्य रेल के विभिन्न डिपो में आयोजित इस धरने में बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई और केंद्र सरकार से इनके शीघ्र समाधान की मांग की.

भत्तों में विसंगति पर जताई नाराजगी

धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने के बावजूद अन्य भत्तों में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई, जबकि किलोमीटर भत्ता केवल 14.33 प्रतिशत ही बढ़ाया गया है. कर्मचारियों ने इसे सरासर अन्याय बताया और स्पष्ट किया कि इस स्थिति को स्वीकार नहीं किया जाएगा. साथ ही, किलोमीटर भत्ते के 70 प्रतिशत हिस्से पर पूर्व की तरह आयकर छूट बहाल करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई.

कार्य परिस्थितियों पर उठे सवाल

कर्मचारियों ने छुट्टियों पर बार-बार लगने वाले प्रतिबंध को एक गंभीर मुद्दा बताया. उनका कहना था कि इससे पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाना नामुमकिन होता जा रहा है. इसके अलावा, केवल अस्पताल में भर्ती (इनडोर) मरीजों को ही बीमारी की छुट्टी (Sick Leave) देने की व्यवस्था को भी अव्यावहारिक बताया गया.

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तबादलों और सुरक्षा को लेकर चिंता

वक्ताओं ने हाल के तबादलों को मनमाना और अमानवीय करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि धनबाद रेल मंडल ‘नंबर वन’ बनने की होड़ में कर्मचारियों पर अत्यधिक मानसिक दबाव बना रहा है, जिससे रेल दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है.

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. इस मौके पर मंडल सचिव आरआर प्रजापति, परमानंद कुमार, विजय कुमार समेत कई यूनियन नेता उपस्थित थे.

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Published by: Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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