Dhanbad News: बीसीसीएल की महेशपुर कोलियरी अंतर्गत लफड़ा मोड़ के पास रविवार रात दरार पड़े एक मकान के झुकने से लोगों में दहशत फैल गयी. मकान में पहले से मौजूद दरारों का दायरा बढ़ने और भवन के एक ओर झुकाव की सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जुट गये. लोगों ने भू-धंसान की आशंका जताते हुए पुनर्वास की मांग को लेकर बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया. आक्रोशित ग्रामीणों ने रविवार रात क्षेत्र में संचालित आउटसोर्सिंग परियोजना की ट्रांसपोर्टिंग ठप करा दी. इससे परियोजना का कार्य प्रभावित हो गया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इलाके में भू-धंसान और मकानों में दरार की समस्या को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि आउटसोर्सिंग परियोजना शुरू हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है. बावजूद प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए सुरक्षित स्थान का चयन तक नहीं किया गया. उनका आरोप है कि लोगों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है.
आधा दर्जन से अधिक इलाके प्रभावित
प्रभावित क्षेत्रों में सिनीडीह 75 क्वार्टर, सिनीडीह श्रमिक आवास, नदी किनारा, बत्ती घर, राजधानी क्वार्टर, पानी टंकी क्षेत्र, सुरेंद्र मार्केट सहित आसपास के कई इलाके शामिल हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, इन क्षेत्रों में पांच हजार से अधिक की आबादी निवास करती है, जो भू-धंसान और मकानों में बढ़ती दरारों के कारण भय के माहौल में जीवन गुजार रही है.
डेंजर जोन घोषित है क्षेत्र
ग्रामीणों ने बताया कि बीसीसीएल प्रबंधन संबंधित क्षेत्र को पहले ही डेंजर जोन घोषित कर चुका है. बावजूद प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और सुरक्षा के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाये गये हैं. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक पुनर्वास और सुरक्षा को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आउटसोर्सिंग परियोजना की ट्रांसपोर्टिंग बंद रहेगी. साथ ही, मांगों की अनदेखी होने पर महेशपुर कोलियरी का भी चक्का जाम करने की चेतावनी दी गयी है.
