बाघमारा अंचल के छोटानगरी पंचायत में लगभग 28 एकड़ सरकारी जमीन पर बीसीसीएल की ओर से जीएम बंगला, सैकड़ों आवासीय क्वार्टर और टाई-रॉड निर्माण करने के मामले में जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है. उपायुक्त आदित्य रंजन ने बाघमारा के अंचलाधिकारी को मामले में अतिक्रमण वाद खोलने व नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
प्रभात खबर ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था समाचार
सनद हो कि प्रभात खबर ने अपने 30 मई के संस्करण में ”28 एकड़ सरकारी जमीन पर बना दिये जीएम बंगला, सैकड़ों क्वार्टर और रोड ; 2015 से चल रहा निर्माण, अफसर-कर्मचारी को जानकारी तक नहीं” शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी. इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले को संज्ञान लेते हुए इसकी जांच कर अतिक्रमण वाद खोलने का आदेश दिया.
2015 से चल रहा निर्माण
जानकारी के अनुसार संबंधित भूमि पर वर्ष 2015 से चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य किये गये. यहां अधिकारियों के आवास, जीएम बंगला, कर्मचारियों के लिए बड़ी संख्या में क्वार्टर तथा अन्य संरचनाएं बनायी गयीं. इसके साथ-साथ उक्त जगह पर 25 एकड़ जमीन पर निर्माण के साथ दो एकड़ जमीन पार्क व खेल मैदान के लिए छोड़ी गयी है. सिजुआ, कतरास, गोविंदपुर तीन व कुसुंडा एरिया के ऑफिस भी रैयती भूमि पर बनने की बात कही जा रही है. पूरे मामले की जांच अब अंचल अधिकारी करेंगे.
