श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से संबंधित चंदे में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के प्रावधानों के विरोध में धनबाद जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को रणधीर वर्मा चौक पर धरना-प्रदर्शन किया. जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित धरना में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और राज्यों के संवैधानिक व वित्तीय अधिकारों की रक्षा की मांग उठायी.
झारखंड के अधिकारों को कमजोर करने वाला संशोधन वापस ले केंद्र : महतो
मुख्य अतिथि प्रदेश महासचिव सह जिला कांग्रेस प्रभारी डॉ. राकेश किरण महतो ने कहा कि एमएमडीआर अधिनियम में संशोधन से झारखंड जैसे खनिज संपदा वाले राज्यों के अधिकार प्रभावित होने की आशंका है. उन्होंने कहा कि झारखंड की अर्थव्यवस्था और बड़ी आबादी की आजीविका खनिज संसाधनों पर निर्भर है. ऐसे में खनन से प्राप्त राजस्व में राज्य का उचित अधिकार सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
स्वतंत्र जांच और वित्तीय ऑडिट की मांग
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चंदे के मुद्दे पर डॉ. महतो ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ योगदान दिया है. इसलिए चंदे के संग्रह और उपयोग में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए. उन्होंने आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच के साथ वित्तीय ऑडिट कराने की मांग की.
खनिज की कीमत झारखंड चुका रहा, अधिकार भी मिले : अनुपमा सिंह
विशिष्ट अतिथि कांग्रेस नेत्री अनुपमा सिंह ने कहा कि झारखंड केवल खनिज संपदा का भंडार नहीं, बल्कि यहां के लोगों की जमीन, मेहनत और भविष्य से जुड़ा प्रदेश है. कोयला और अन्य खनिज देश को ऊर्जा व संसाधन उपलब्ध कराते हैं, लेकिन विस्थापन, प्रदूषण, पर्यावरणीय क्षति, रोजगार और पुनर्वास जैसी समस्याओं का असर झारखंड को झेलना पड़ता है. उन्होंने कहा कि राज्यों के अधिकार सीमित करने का प्रयास हुआ तो कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करेगी. उन्होंने चंदे से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र जांच और पूर्ण वित्तीय पारदर्शिता की भी मांग की.
आस्था के धन में पारदर्शिता जरूरी : संतोष कुमार सिंह
जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े चंदे में वित्तीय जवाबदेही और पारदर्शिता जरूरी है. किसी भी अनियमितता के आरोप की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके.
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
धरना समाप्त होने के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. इसमें श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से संबंधित चंदे का स्वतंत्र व निष्पक्ष वित्तीय ऑडिट, संग्रह एवं उपयोग से जुड़े अभिलेखों की जांच तथा वित्तीय अनियमितता प्रमाणित होने पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गयी. साथ ही एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2026 के संबंधित प्रावधानों की संवैधानिक समीक्षा की मांग भी रखी गयी.
