धनबाद. करीब 15 साल तक कांग्रेस से जुड़े रहे राधेश्याम शर्मा ने पार्टी से नाता तोड़ लिया है. उन्होंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता समेत संगठन की सभी जिम्मेदारियों से खुद को अलग कर लिया है. लंबे समय तक पार्टी संगठन में सक्रिय रहे शर्मा के इस्तीफे से धनबाद की स्थानीय राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गयी है.
कांग्रेस में संभाली कई जिम्मेदारियां
राधेश्याम शर्मा वर्ष 2005 से कांग्रेस से जुड़े थे. इस दौरान उन्होंने संगठन में कई जिम्मेदारियां संभालीं. वे दो बार युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष रहे. इसके अलावा जिला कांग्रेस कमेटी में जिला सचिव की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं.
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करीब डेढ़ दशक से अधिक समय तक कांग्रेस संगठन के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहने के बाद उनके पार्टी छोड़ने से जिला कांग्रेस में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गयी हैं.
बोले- गरीबों की समस्याएं सुनने वाला कोई नहीं
कांग्रेस छोड़ने के सवाल पर राधेश्याम शर्मा ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक संगठन के लिए काम किया, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से वे संतुष्ट नहीं हैं.
उनका कहना है कि आज राजनीति में अधिकांश लोग अपने स्वार्थ में लगे हुए हैं. गरीबों की समस्याएं सुनने और उनके लिए आवाज उठाने वाला कोई नहीं है. उन्होंने कहा कि इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने कांग्रेस से अलग होने का फैसला लिया है.
जल्द तय करेंगे अगली राजनीतिक पारी
कांग्रेस से इस्तीफा देने के साथ ही राधेश्याम शर्मा ने साफ किया कि उनकी राजनीतिक पारी पर विराम नहीं लगा है. उन्होंने कहा कि वे अपने साथियों और समर्थकों से लगातार विचार-विमर्श कर रहे हैं.
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उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही वह तय करेंगे कि आगे किस राजनीतिक दल के साथ अपनी नयी राजनीतिक पारी शुरू करनी है. ऐसे में उनके अगले राजनीतिक कदम पर धनबाद की सियासत की नजरें टिकी हैं.
