अंतरराष्ट्रीय कोयला बाजार में मई माह के दौरान कीमतों में मजबूती दर्ज की गयी है. इससे आयातित कोयला महंगा हो गया है. ऐसे में भारतीय कोल कंपनियों को घरेलू बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करने का नया अवसर मिल गया है. ताजा अंतरराष्ट्रीय कोल इंडेक्स रिपोर्ट के अनुसार भारत के लिए 5,500 किलो कैलोरी श्रेणी के कोयले का सूचकांक (एपीआइ-12) मई में 113.80 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गया. जबकि अप्रैल के 110.12 डॉलर प्रति टन था. वहीं ऑस्ट्रेलिया के न्यू कैसल बंदरगाह से निर्यातित 6,000 किलो कैलोरी कोयले (एपीआइ-6) का मई में औसत 184.62 डॉलर प्रति टन तथा दक्षिण अफ्रीका के रिचर्ड्स बे से निर्यात होने वाले 6,000 किलो कैलोरी कोयले (एपीआइ-4) का औसत मूल्य 117.25 डॉलर प्रति टन दर्ज किया गया. इसके अलावा इंडोनेशिया सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार (इंडोनेशियाई कोयला सूचकांक) आइसीआइ-1 (6,500 जीएआर) का औसत 123.77 डॉलर प्रति टन, आइसीआइ-2 (5,800 जीएआर) 101.89 डॉलर प्रति टन तथा आइसीआइ-3 (5,000 जीएआर) 83.03 डॉलर प्रति टन दर्ज किया गया. विशेषज्ञों का मानना है कि चीन और भारत में बिजली उत्पादन की बढ़ती मांग, गर्मी के मौसम में कोयले की खपत में वृद्धि व आपूर्ति संबंधी अनिश्चितता ने अंतरराष्ट्रीय कीमतों को समर्थन दिया है.
Dhanbad News:- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोयले की कीमतें बढ़ी, भारतीय कोल कंपनियों को मिला अवसर

Dhanbad News:- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोयले की कीमतें बढ़ी, भारतीय कोल कंपनियों को मिला अवसर
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भारतीय इंडेक्स 113.80 डॉलर प्रति टन पहुंचा, कोल इंडिया के उपक्रमों के लिए सकारात्मक संकेत.