Dhanbad: कोलकाता स्थित कोल इंडिया के कॉर्पोरेट मुख्यालय में बुधवार को राष्ट्रीय धूल नियंत्रण समिति की 23वीं बैठक हुई. अध्यक्षता कोल इंडिया के निदेशक (तकनीकी) अच्युत घटक ने की. खनन क्षेत्रों में बढ़ते धूल प्रदूषण व उसके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गयी. डीटी श्री घटक ने कहा कि यह मंच धूल प्रदूषण से जुड़ी चुनौतियों की पहचान करने और उनके व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों और आसपास रहने वाली आबादी के स्वास्थ्य पर धूल का प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिसे कम करना कंपनी की प्राथमिकता है. इसके लिए कोल इंडिया द्वारा कई प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं.
बैठक में इन बातों पर हुई चर्चा
बैठक में खनन कार्यों के दौरान धूल नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और कार्यस्थल सुरक्षा उपायों को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया. साथ ही विभिन्न परियोजनाओं में अपनायी जा रही सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने पर भी चर्चा हुई. मौके पर डीजीएमएस के निदेशक (एस एंड टी) सुरजीत कटेवा, ट्रेड यूनियनों एवं सीएमओएआइ के प्रतिनिधि, कोल इंडिया व उसकी सहायक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य खनन कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे. सभी प्रतिभागियों ने धूल प्रदूषण नियंत्रण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया.
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