बीसीसीएल का रिजेक्ट कोयला बना 135 करोड़ का स्टॉक, CAG ने पूछा- कीमत तय करने का आधार क्या?

BCCL ने अपने रिजेक्ट कोयले को 135 करोड़ रुपये के स्टॉक में जोड़ा है, जिस पर CAG ने ऑडिट में सवाल उठाए हैं. भोजूडीह वाशरी में 4.70 लाख टन पुराने रिजेक्ट की जांच में कीमत तय करने के आधार पर आपत्ति जताई गई है.

बीसीसीएल के वर्षों से पड़े रिजेक्ट कोयले की कीमत अब 135.15 करोड़ रुपये हो गई है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में पुराने रिजेक्ट का मूल्यांकन कर इसे अपनी इन्वेंटरी में शामिल किया. खास बात यह है कि लंबे समय से शून्य मूल्य पर दर्ज इस स्टॉक को अब करोड़ों रुपये का लेखांकन मूल्य दिया गया है.

कोल इंडिया के खान की तस्वीर

हालांकि, यहीं से सवाल भी खड़ा हो गया है. सीएजी ने ऑडिट के दौरान रिजेक्ट कोयले की कीमत तय करने के आधार पर सवाल उठाया है. ऑडिट ने पूछा है कि अलग-अलग रिजेक्ट के लिए अलग दर तय करने का आधार क्या है और मूल्यांकन में किन मानकों व अनुमानों का इस्तेमाल किया गया.

4.70 लाख टन रिजेक्ट की हुई जांच

भोजूडीह वाशरी में वर्षों से पड़े करीब 4.70 लाख टन पुराने रिजेक्ट का ग्रेड विश्लेषण कराया गया. जांच भारतीय मानक ब्यूरो के मानकों के अनुसार हुई. इसके बाद 88,069.25 टन रिजेक्ट की वास्तविक बिक्री की गई.

इसकी औसत बिक्री दर करीब 377 रुपये प्रति टन रही. बीसीसीएल ने इसी वास्तविक बिक्री और बाजार में रिजेक्ट की मांग को पुराने स्टॉक के मूल्यांकन का प्रमुख आधार माना.

410 से 695 रुपये प्रति टन तक मूल्यांकन

सीएजी की आपत्ति का सबसे अहम बिंदु रिजेक्ट कोयले की अलग-अलग दरों पर कीमत तय करना है. ऑडिट के अनुसार कुछ रिजेक्ट का मूल्य करीब 410 रुपये प्रति टन, जबकि कुछ का मूल्य 695 रुपये प्रति टन तक आंका गया. वहीं कुछ रिजेक्ट का मूल्यांकन शून्य रखा गया.

कोयला खदान

सीएजी ने पूछा है कि जब एक ही तरह के रिजेक्ट स्टॉक के लिए अलग-अलग दरें तय की गईं, तो प्रत्येक दर के पीछे स्पष्ट आधार क्या था. ऑडिट ने संभावित बाजार कीमत, बिक्री की संभावना और मूल्यांकन में इस्तेमाल अन्य मानकों को स्पष्ट करने को कहा है.

बीसीसीएल ने कहा- बिक रहा है, तो बाजार में कीमत भी है

सीएजी की आपत्ति पर बीसीसीएल ने अपने जवाब में कहा कि भोजूडीह वाशरी के रिजेक्ट का विश्लेषण वित्त वर्ष 2025-26 में कराया गया था. इसी दौरान 88,069.25 टन रिजेक्ट की वास्तविक बिक्री भी हुई.

कंपनी का तर्क है कि जब रिजेक्ट की वास्तविक बिक्री हुई है, तो इससे बाजार में उसकी मांग और बिक्री की संभावना साबित होती है. इसी आधार पर पुराने रिजेक्ट स्टॉक का मूल्यांकन किया गया.

बीसीसीएल ने यह भी कहा कि अन्य वाशरियों में पड़े बिना ग्रेड वाले रिजेक्ट की प्रकृति भी इसी तरह की है. इसलिए बाजार में मांग और बिक्री की संभावना को ध्यान में रखते हुए पूरे स्टॉक का मूल्यांकन किया गया.

3,046.88 करोड़ की इन्वेंटरी में 135.15 करोड़ का रिजेक्ट

31 मार्च 2026 तक बीसीसीएल की कुल इन्वेंटरी 3,046.88 करोड़ रुपये थी. इसमें कोयला, उप-उत्पाद और अन्य स्टॉक शामिल हैं. इसी इन्वेंटरी में पुराने रिजेक्ट कोयले का 135.15 करोड़ रुपये का मूल्य जोड़ा गया है.

Day-2 पर BCCL IPO के लिए निवेशकों की भारी भागीदारी देखने को मिली.

हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि 135.15 करोड़ रुपये बिक्री से प्राप्त रकम नहीं, बल्कि स्टॉक का लेखांकन मूल्य है. कंपनी ने इतनी राशि का रिजेक्ट कोयला बेचा नहीं है.

कंपनी ने नीति का दिया हवाला

बीसीसीएल ने कहा कि कोयला और उसके उप-उत्पादों के स्टॉक के मूल्यांकन की नीति पहले से कंपनी के वित्तीय विवरण में दर्ज है. रिजेक्ट सहित स्टॉक की शुद्ध वसूली योग्य कीमत तय करने की प्रक्रिया भी सामग्री लेखांकन नीति का हिस्सा है. प्रबंधन का कहना है कि मूल्यांकन की नीति पहले से वित्तीय विवरण का हिस्सा होने के कारण इस मामले में अलग से विस्तृत खुलासा जरूरी नहीं था.

आखिर क्या होता है कोयला रिजेक्ट?

कोयले की धुलाई के दौरान उपयोगी कोयले के साथ ऐसे पदार्थ भी अलग होते हैं, जिनमें कोयले की मात्रा कम और राख की मात्रा अधिक होती है. इन्हें कोयला रिजेक्ट कहा जाता है. इसकी गुणवत्ता, राख की मात्रा और उपयोगिता के आधार पर बाजार में इसकी कीमत अलग-अलग हो सकती है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Manohar kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >