धनबाद में बीसीसीएल अधिकारियों पर पथराव, भू-धंसान से तीन लोग और कई घर हुए जमींदोज

Dhanbad Stone Pelting: धनबाद के टंडाबाड़ी बस्ती में भू-धंसान से तीन लोगों के दबने और कई घर जमींदोज होने की खबर है. मौके पर पहुंचे बीसीसीएल अधिकारियों पर ग्रामीणों ने मुआवजा को लेकर पथराव किया. कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं और इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

धनबाद से सुमन सिंह की रिपोर्ट

Dhanbad Stone Pelting: झारखंड के धनबाद जिले के बीसीसीएल एरिया तीन स्थित गोविंदपुर सोनारडीह ओपी क्षेत्र के टंडाबाड़ी बस्ती में मंगलवार की देर शाम भू-धंसान होने से कई घर जमींदोज हो गए, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई. इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और बीसीसीएल प्रशासन की अनदेखी पर स्थानीय निवासियों में काफी आक्रोश है. बुधवार को बीसीसीएल के अधिकारी जब मौके का मुआयना करने पहुंचे, तो गुस्साए लोगों ने उनकी टीम पर पथराव करना शुरू कर दिया. स्थानीय निवासी मुआवजे की भी मांग कर रहे हैं.

घटनास्थल पर पहुंचे बीसीसीएल अधिकारी

बुधवार की दोहपर को हालात का जायजा लेने के लिए बीसीसीएल के डीटी संजय सिंह और एरिया तीन के जीएम वी विजय कुमार घटनास्थल पहुंचे. जैसे ही अधिकारी गांव पहुंचे, गुस्साए लोगों ने मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर उनका विरोध करना शुरू कर दिया. देखते ही देखते विरोध तेज हो गया और ग्रामीणों ने अधिकारियों का घेराव कर लिया.

घेराव के बीच बढ़ा तनाव

ग्रामीणों के आक्रोश के बीच डीटी संजय सिंह किसी तरह मौके से निकलने में सफल रहे, लेकिन जीएम वी विजय कुमार भीड़ के बीच फंस गए. स्थिति को संभालने के लिए मौके पर मौजूद सीआईएफ सुरक्षा बल ने हस्तक्षेप किया और जीएम को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया.

पथराव से मची अफरा-तफरी

इसी दौरान ग्रामीण उग्र हो गए और अधिकारियों पर पथराव शुरू कर दिया. पथराव में बीसीसीएल अधिकारियों की कई गाड़ियों के शीशे टूट गए और कुछ अधिकारी चोटिल हो गए. अचानक हुई इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अधिकारी जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए.

इलाके में तनावपूर्ण स्थिति

घटना के बाद टंडाबारी बस्ती और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है. स्थानीय लोग भू-धंसान के लिए बीसीसीएल को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और मुआवजा व पुनर्वास की मांग कर रहे हैं.

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प्रशासन और बीसीसीएल की कार्रवाई

बीसीसीएल और प्रशासन ने घटना के बाद नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है. अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही जा रही है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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