बीबीएमकेयू की प्रशासनिक व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा कौशल विकास विभाग के प्रधान सचिव राहुल पुरवार की 14 जुलाई को दौरे के बाद तैयार रिपोर्ट में विश्वविद्यालय के अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय की कमी को गंभीर चिंता का विषय बताया. इसके अनुसार प्रशासनिक तालमेल के अभाव में कई महत्वपूर्ण विकास योजनाएं अपेक्षित गति से नहीं बढ़ पा रही हैं. रिपोर्ट कुलपति और कुलसचिव को उपलब्ध करा दी गयी है.
दौरे के दौरान प्राचार्यों ने भी उठाये थे सवाल
प्रधान सचिव ने 14 जुलाई को विश्वविद्यालय के नये परिसर का निरीक्षण करने के बाद कुलपति, कुलसचिव, अधिकारियों और 13 अंगीभूत कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ समीक्षा बैठक की थी. इसमें प्राचार्यों ने खुलकर विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये थे. उनका कहना था कि कॉलेजों के विकास, भवन निर्माण और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी फाइलें अधिकारियों के स्तर पर अनावश्यक रूप से लंबित रखी जाती हैं.
करोड़ों का सेंट्रलाइज्ड एसी खराब
रिपोर्ट में विश्वविद्यालय के नये परिसर में करोड़ों की लागत से लगाये गये सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम का भी जिक्र किया गया है. बताया गया है कि अधिकारियों के बीच समन्वय के अभाव में यह व्यवस्था लंबे समय से खराब पड़ी है.
77 करोड़ की योजनाओं की धीमी रफ्तार पर चिंता
राहुल पुरवार ने दौरे के दौरान विश्वविद्यालय में लगभग 77 करोड़ रु की लागत से चल रही विकास योजनाओं की धीमी रफ्तार पर चिंता जताते हुए अगले चार माह में इसे पूरा करने का लक्ष्य तय किया था.
रिपोर्ट मिलने की पुष्टि, पर बोलने से बच रहे अधिकारी
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि प्रधान सचिव की विजिट रिपोर्ट कुलपति और कुलसचिव को प्राप्त हो चुकी है. हालांकि रिपोर्ट की सामग्री और उसमें की गयी टिप्पणियों पर कोई अधिकारी कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं.
