धनबाद. जामताड़ा-निरसा पथ पर बारबेंदिया में बराकर नदी पर प्रस्तावित उच्चस्तरीय पुल के निर्माण की दिशा में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के भू-अर्जन निदेशालय ने निरसा अंचल के भागाबांध और बिशालपहाड़ी गांव की जमीन के लिए प्रारंभिक अधिसूचना जारी की है. दोनों गांवों में कुल 16.774 एकड़ यानी करीब 6.791 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जायेगी. अधिसूचना जारी होने के बाद प्रभावित हितधारकों को अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए 60 दिनों का समय दिया गया है.
भागाबांध में 0.863 और बिशालपहाड़ी में 15.911 एकड़ जमीन
प्रस्तावित पुल के निर्माण के लिए भागाबांध की 0.8630 एकड़ और बिशालपहाड़ी की 15.911 एकड़ जमीन शामिल है. अधिग्रहण के दायरे में सरकारी और रैयती भूमि के अलावा नदी, कनाली और पोखर की जमीन भी शामिल होने की जानकारी दी गयी है. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रस्तावित पुल निर्माण के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जायेगी.
अधिसूचना के तहत भूमि से संबंधित नक्शे और अभिलेख जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, धनबाद के कार्यालय में कार्य दिवस के दौरान देखे जा सकते हैं. भूमि के सर्वेक्षण और अन्य आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी तथा उनके कर्मचारियों को अधिकृत किया गया है.
निरसा-जामताड़ा के बीच बेहतर होगा सड़क संपर्क
बारबेंदिया में बराकर नदी पर उच्चस्तरीय पुल बनने से निरसा और जामताड़ा के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है. फिलहाल बराकर नदी के कारण दोनों क्षेत्रों के बीच सीधा आवागमन प्रभावित होता है. पुल बनने के बाद निरसा से जामताड़ा की ओर जाने वाले लोगों को अधिक सुविधाजनक मार्ग मिलने की संभावना है.
इसका लाभ विद्यार्थियों, मरीजों, कारोबारियों और मालवाहक वाहनों समेत रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को मिल सकता है. आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए बाजार, अस्पताल, शिक्षण संस्थान और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच भी आसान होने की उम्मीद है.
कारोबार और परिवहन को भी मिलेगा लाभ
प्रस्तावित पुल को स्थानीय आवागमन के साथ व्यापारिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जामताड़ा-निरसा सड़क संपर्क बेहतर होने से दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापारिक गतिविधियों और माल परिवहन को सुविधा मिलने की संभावना है. बराकर नदी पार करने में लगने वाला समय और मार्ग संबंधी परेशानी कम होने से छोटे कारोबारियों और माल ढुलाई करने वाले वाहनों को भी फायदा मिल सकता है.
60 दिनों में दर्ज करा सकेंगे आपत्ति
अधिसूचना में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों के पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिए अपर समाहर्ता अथवा अधिकृत पदाधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया गया है. अधिग्रहण से प्रभावित हितधारक अधिसूचना जारी होने की तिथि से 60 दिनों के भीतर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, धनबाद के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं. निर्धारित अवधि में प्राप्त आपत्तियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के बाद ही पुल निर्माण की आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ होगा.
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