डोभा पर सोच बदलने की जरूरत : प्रधान सचिव

धनबाद: ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव एनएन सिन्हा ने डोभा योजना का बचाव करते हुए इसे पूरी तरह सफल होने का दावा किया. कहा कि इस योजना से कई फायदे हुए हैं. सोमवार को यहां डीडीसी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रधान सचिव ने कहा कि डोभा का लोग सिर्फ नकारात्मक पक्ष […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 16, 2017 7:15 AM
धनबाद: ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव एनएन सिन्हा ने डोभा योजना का बचाव करते हुए इसे पूरी तरह सफल होने का दावा किया. कहा कि इस योजना से कई फायदे हुए हैं.
सोमवार को यहां डीडीसी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रधान सचिव ने कहा कि डोभा का लोग सिर्फ नकारात्मक पक्ष उजागर कर रहे हैं. जबकि इससे किसानों को काफी लाभ हो रहा है. डोभा का उद्देश्य बरसात का पानी बरबाद होने से बचाने तथा भू-जल स्रोत को बढ़ावा देना था. साथ ही किसानों को धान की खेती में सहायता देने का उद्देश्य था. तीनों ही उद्देश्य पूरा हो रहा है. जबकि कहा जा रहा है कि डोभा से सिर्फ खेत बरबाद हो रहे हैं.

डोभा मार्च, अप्रैल में ही सूख जा रहा है. कहा राज्य में जेठ माह में भी कई डोभा में पानी है जो बताता है कि यह योजना फेल नहीं हुई है. कहा कि डोभा योजना आगे भी जारी रहेगी. किसान डोभा में मछली का जीरा छोड़ सकते हैं. मछली पालन से भी कमाई होगी. धान की खेती में तो लाभ होगा ही. सब्जी का भी उत्पादन कर सकते हैं. आदर्श ग्राम को धरातल पर उतरायेंगे : श्री सिन्हा ने कहा कि आदर्श ग्राम योजना को धरातल पर उतारा जा रहा है. आदर्श ग्राम का उद्देश्य ग्रामीणों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है. आदर्श ग्राम में बने सामुदायिक भवन, एंबुलेंस, प्रोजेक्टर आदि को संचालित करने के लिए स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) का गठन किया जा रहा है. इस दौरान डीडीसी गणेश कुमार भी मौजूद थे.

मनरेगा में फर्जीवाड़ा की जांच होगी : सिन्हा
ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव ने कहा है कि गोविंदपुर प्रखंड के उदयपुर पंचायत में मनरेगा मजदूरों का जॉब कार्ड बिचौलियों द्वारा रख लिये जाने मामले की जांच होगी. किसी भी स्तर पर फर्जीवाड़ा बरदाश्त नहीं होगा.
प्रधान सचिव ने आज यहां कहा कि डीडीसी को मामले की जांच कराने के लिए कहा गया है. हर मजदूर के जॉब कार्ड का वेरिफिकेशन होगा. कहा कि मनरेगा में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए मजदूरों का बैंक में खाता खुलवाया जा रहा है. डीडीसी गणेश कुमार ने बताया कि धनबाद जिले में लगभग 83 प्रतिशत मनरेगा मजदूरों के मजदूरी का भुगतान सीधे बैंक खाता में हो रहा है. सचिव ने कहा कि इसके बाद भी गड़बड़ी पर रोक के लिए कई उड़न दस्ता का भी गठन किया गया है.