दुष्कर्म पीड़िता ने की खुदकुशी की कोशिश, 80 फीसदी जली अवस्था में पीएमसीएच में भरती

।।संवाददाता ।।... तोपचांची : सामाजिक दबाव व मुहल्ले की महिलाओं के ताने से परेशान एक दुष्कर्म पीड़ित छात्रा (17) ने मंगलवार की देर रात खुदकुशी की कोशिश की. उसने अपने शरीर पर केरोसिन उड़ेल आग लगा ली. सबसे पहले उसे सीएचसी तोपचांची ले जाया गया. वहां से पीएमसीएच रेफर कर दिया गया. पीएमसीएच के बर्न […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 2, 2016 9:08 PM

।।संवाददाता ।।

तोपचांची : सामाजिक दबाव व मुहल्ले की महिलाओं के ताने से परेशान एक दुष्कर्म पीड़ित छात्रा (17) ने मंगलवार की देर रात खुदकुशी की कोशिश की. उसने अपने शरीर पर केरोसिन उड़ेल आग लगा ली. सबसे पहले उसे सीएचसी तोपचांची ले जाया गया. वहां से पीएमसीएच रेफर कर दिया गया.

पीएमसीएच के बर्न वार्ड में इलाज कर रहे चिकित्सकों के अनुसार, छात्रा 80 फीसदी जल चुकी है. उसकी स्थिति गंभीर है. घटना तोपचांची थाना क्षेत्र की तांतरी पंचायत के चीरुडीह गांव की है. कतराज कॉलेज में इंटर फर्स्ट इयर की नाबालिग छात्रा से 26 दिसंबर 2015 को झामुमो नेता मूलचंद महतो उर्फ मूला (55) ने जान-पहचान का फायदा उठा कर उसके घर में दुष्कर्म किया था.

सात जनवरी, 16 को प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. अपने साथ हुई दुराचार की घटना के बाद छात्रा काफी परेशान थी. इससे पूर्व भी उसने चार बार जान देने की कोशिश की थी. हालांकि समय रहते लोगों ने बचा लिया था. बाघमारा डीएसपी मनीष कुमार कहते हैं, ‘दुष्कर्म पीड़िता पर किसी ने दबाव बनाया या परेशान किया है तो ऐसे लोग निश्चित दोषी हैं. ये लोग सजा पाने के लिए तैयार रहें.’
महिलाओं के ताने सुन-सुन कर थी तनाव में
पीएमसीएच में मौजूद पीड़ित छात्रा के भाई व उसकी मां ने बताया कि मंगलवार की रात लगभग डेढ़ बजे उसने (छात्रा) केरोसिन डाल शरीर में आग लगा ली. जलन से बुरी तरह तड़प रही पीड़िता ने कहा, ‘जनवरी महीने में मेरे पड़ोसी मूलचंद महतो उर्फ मूला ने मेरे साथ दुष्कर्म किया था. वह जेल में है,’ छात्रा ने कहा, ‘जेल में बंद आरोपी को बाहर निकालने के लिए मेरे ऊपर समझौता करने और बयान बदलने का लगातार दबाव बनाया जा रहा था. मूलचंद के रिश्तेदार व अन्य नजदीकी लोग दबाव बना रहे थे.’ तोपचांची पुलिस ने अस्पताल में पीड़िता का फर्दबयान दर्ज किया है.
‘अब नहीं जीना चाहती’
पीड़िता की मानें तो दुष्कर्म की घटना के बाद उसका घर से बाहर निकलना बंद हो गया था. गांव की महिलाएं लांछन लगाने के साथ ताने कसती थीं. छात्रा ने कहा, ‘लोकलाज के कारण मेरा जीना मुहाल हो गया था. मेरी पढ़ाई ठप हो गयी. गांव, समाज और आस-पास के लोग हेय दृष्टि से देखते थे. हमेशा समझौता की बात कहा जाता. अब मैं नहीं जीना चाहती हूं.’ परिवारवालों के अनुसार, प्रताड़ना से उनकी बेटी गहरे अवसाद में चली गयी और उसने आत्महत्या की कोशिश की. इससे पूर्व पीड़िता चार बार खुदकुशी की कोशिश कर चुकी है.
क्या है पूरा मामला
युवती ने झामूमो नेता पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है. दर्ज की गयी एफआईआर में कहा गया है, 26 दिसंबर की रात छात्रा अपनी छोटी दादी के घर में रात नौ बजे पढ़ाई कर रही थी. गांव के दबंग झामुमो नेता मूलचंद महतो उर्फ मूला का वहां आना-जाना था. मूलचंद कमरे में पहुंच बात करते-करते दरवाजा बंद कर दिया और दुष्कर्म किया. पीड़िता के पिता दिव्यांग हैं. उसका भाई पुणे में काम करता है. उसने लोकलाज के चलते अपनी मां, दादी या किसी परिजन को घटना के बारे में नहीं बताया. फोन पर भाई को पूरी बात बतायी. भाई के वहां से आने पर कुछ लोगों के साथ उसने थाना पहुंच आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी.
लखन राम, (इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी) ने कहा, पीड़िता के फर्दबयान पर प्राथमिकी दर्ज की जायेगी. दोषी किसी भी हालत में बख्शे नहीं जायेंगे. कानूनी कार्रवाई होगी.