नौ माह में जितना काम किया, उतना पांच वर्षों में नहीं हुआ

धनबाद: धनबाद के विधायक राज सिन्हा ने दावा किया है कि विधायक के रूप में पहले नौ माह में उन्होंने जितना काम किया, उतना यहां के पूर्व विधायक मन्नान मल्लिक अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में नहीं कर पाये. रविवार को भाजपा जिला कार्यालय में पत्रकार सम्मेलन में विधायक ने कहा कि श्री मल्लिक पर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 28, 2015 9:05 AM
धनबाद: धनबाद के विधायक राज सिन्हा ने दावा किया है कि विधायक के रूप में पहले नौ माह में उन्होंने जितना काम किया, उतना यहां के पूर्व विधायक मन्नान मल्लिक अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में नहीं कर पाये.
रविवार को भाजपा जिला कार्यालय में पत्रकार सम्मेलन में विधायक ने कहा कि श्री मल्लिक पर उम्र हावी हो गयी है. काम नहीं करने के कारण पूर्व विधायक को धनबाद की जनता ने रिजेक्ट कर दिया. श्री मल्लिक के मंत्री रहते यहां मेधा डेयरी बंद हो गयी. विधायक मद की राशि भी पूरी तरह से खर्च नहीं कर पाये. उनके कार्यकाल के बचे हुए लगभग साढ़े चार लाख रुपये की विधायक नीधि का इस्तेमाल भी उन्होंने किया. इस राशि से पांच चापाकल व केंदुआ में पाइप लाइन बिछायी.

श्री मल्लिक के कार्यकाल की 25 योजनाएं लंबित है. जिसके कारण इस बार अब तक विधायक योजना की राशि रिलीज नहीं हो पा रही है. कहा कि पूर्व विधायक अपनी उपलब्धि बतायें. जबकि नौ माह में विधायक के रूप में उन्होंने कपाल घाट पुल में गड़बड़ी की जांच करा कर उसके पूर्ण कराने का रास्ता साफ कराया. कोयलांचल विश्वविद्यालय को रुसा से मंजूरी दिलायी. धनबाद में प्रमंडल बनाने की मांग पर राज्य सरकार की सहमति दिलायी. यहां एसएसपी, सिटी एसपी एवं ग्रामीण एसपी का पद सृजित कराया. विधानसभा के सत्र के दौरान एक दिन भी नहीं बीता जब धनबाद की समस्या को नहीं उठाया. प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा जिला उपाध्यक्ष संजय झा, रवि सिन्हा, मिल्टन पार्थ सारथी भी मौजूद थे.

शहर में फ्लाइओवर का विकल्प तलाश रही सरकार : विधायक ने कहा कि धनबाद शहर में फ्लाइओवर का मामला रिजेक्ट नहीं हुआ है. लेकिन, केंद्र एवं राज्य सरकार इसका विकल्प तलाश रही है. अगले दस-बीस वर्षों में यहां ट्रैफिक लोड को देखते हुए विकल्प की तलाश की जा रही है. कहा आइएसएम को आइआइटी का दर्जा दिलाने की प्रक्रिया चल रही है. इसमें कुछ समय लग सकता है.
मोटर ट्रेनिंग स्कूल विवाद की जांच से परहेज नहीं : श्री सिन्हा ने कहा कि अगर परिवहन सचिव के भाई ने टेंडर ले कर धनबाद में मोटर ट्रेनिंग स्कूल खोला है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है. इसके बावजूद अगर किसी को आपत्ति है तो इसकी जांच कराने की मांग कर सकते हैं. जांच की मांग या जांच से सरकार को कोई परहेज नहीं है.