पहुंची निगरानी की टीम, करेगी कैंप

धनबाद . जेआरडीए की आवासीय योजना व रिंग रोड भू-अजर्न मुआवजा घोटाले की जांच करने रांची से निगरानी विभाग की टीम डीएसपी के नेतृत्व में सोमवार को धनबाद पहुंची. टीम डीसी ऑफिस, भू-अजर्न ऑफिस व जेआरडीए ऑफिस गयी. पहले रिंग रोड भू-अजर्न मुआवजा घोटाला की जांच शुरू की गयी है. निगरानी में अलग से दर्ज […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 21, 2015 9:36 AM
धनबाद . जेआरडीए की आवासीय योजना व रिंग रोड भू-अजर्न मुआवजा घोटाले की जांच करने रांची से निगरानी विभाग की टीम डीएसपी के नेतृत्व में सोमवार को धनबाद पहुंची. टीम डीसी ऑफिस, भू-अजर्न ऑफिस व जेआरडीए ऑफिस गयी. पहले रिंग रोड भू-अजर्न मुआवजा घोटाला की जांच शुरू की गयी है.
निगरानी में अलग से दर्ज होगी एफआइआर : धनबाद रिंग रोड व जेआरडीए आवासीय योजना में भूमि-अधिग्रहण के नाम पर करोड़ों के मुआवजा घोटाले की जांच लिए सरकार के निर्देश पर विगत 10 जुलाई को ही निगरानी ब्यूरो में पीई दर्ज कर ली गयी है. पीई दर्ज कर निगरानी एसपी आलोक के नेतृत्व में जांच शुरू हो गयी है.

जांच की रिपोर्ट सरकार को भेजी जायेगी. सरकार से गड़बड़ी में शामिल कर्मचारी व अधिकारियों के खिलाफ आदेश मिलते ही एफआइआर की अनुमति ली जा सकती है. इसके बाद ही एफआइआर दर्ज होगी. उल्लेखनीय है कि रिंग रोड मुआवजा घोटाला में लगभग एक सौ करोड़ की गड़बड़ी हुई है. रैयतों को एक सौ करोड़ के बदले एक करोड़ भी हाथ नहीं लगे.

भू-अजर्न कार्यालय से नहीं मिला अभिलेख
निगरानी टीम डीसी से मिलने समाहरणालय पहुंची. डीसी के जिला से बाहर रहने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी. यहां से टीम भू-अजर्न कार्यालय पहुंची और भू-अजर्न व मुआवजा भुगतान से संबंधित अभिलेख की मांग की. कर्मचारियों ने संबंधित अभिलेख के बारे में अनभिज्ञता जतायी. सभी कर्मचारियों ने कहा कि वे लोग नये आये हैं. पहले के कर्मचारियों का तबादला हो चुका है. भू-अजर्न अधिकारी का भी तबादला हो गया है. नये अधिकारी की पोस्टिंग नहीं हुई है. इस कारण बगैर उपायुक्त के निर्देश के विजिलेंस को रिकार्ड मिलना संभव नहीं है. टीम जेआरडीए ऑफिस गयी, जहां से अधिगृहीत जमीन की रिकार्ड तलब की गयी. जेआरडीए अधिकारियों को पूरी सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है. टीम अभी धनबाद में कैंप करेगी.