‘डोनर के चयन में प्रबंधन बाधक नहीं’
धनबाद. बीएसएस महिला कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य डॉ करुणा ने कहा है कि कॉलेज की नयी शासी निकाय में डोनर के चयन में कॉलेज प्रबंधन कहीं बाधक नहीं है. वर्तमान डोनर नवल किशोर सिंह के गबन मामले में सजा का कागजात कुलपति डॉ गुरदीप सिंह के पास उपलब्ध है. पिछले दिनों उन्होंने खुद उनसे इस […]
धनबाद. बीएसएस महिला कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य डॉ करुणा ने कहा है कि कॉलेज की नयी शासी निकाय में डोनर के चयन में कॉलेज प्रबंधन कहीं बाधक नहीं है. वर्तमान डोनर नवल किशोर सिंह के गबन मामले में सजा का कागजात कुलपति डॉ गुरदीप सिंह के पास उपलब्ध है. पिछले दिनों उन्होंने खुद उनसे इस बात की पुष्टि की है.
इस मामले में प्रतिकुलपति डॉ मनोरंजन प्रसाद ने बातचीत के दौरान यह बयान दिया था कि डोनर नवल सिंह की सजा से संबंधित कोर्ट का आदेश विवि के पास उपलब्ध न रहने के चलते डोनर के चयन में विलंब हो रहा है. विदित हो कि 16 मार्च को ही कॉलेज के लिए नयी शासी निकाय की घोषणा विवि ने कर दी है. साथ ही कॉलेज को अधिकृत रूप से शासी निकाय के गठन के लिए 21 दिनों के अंदर टीआर का चयन करने का आदेश दिया था. डेढ़ माह बीतने के बाद अब तक टीआर (टीचर रिप्रेजेंटेटिव ) का चयन नहीं हुआ है. शासी निकाय के चयन में मुख्य रूप से दो मुद्दा बाधक बना है, टीआर तथा डोनर का चयन.
तमाम स्टाफ का बंद है वेतन : शासी निकाय का गठन न होने से कॉलेज के तमाम शिक्षकों का वेतन रुक गया है. साथ ही कॉलेज का विकास संबंधी तमाम कार्य ठप है, क्योंकि कॉलेज के किसी भी नीतिगत मामले का निर्णय बिना शासी निकाय के नहीं हो सकता. कॉलेज में गुटबंदी के कारण भी शासी निकाय गठन में बाधा आ रही है. कॉलेज का एक गुट वर्तमान पूर्व कमेटी को पुन : स्थापित करने में लगा है तो दूसरा गुट उससे पहले की कमेटी को एक बार फिर लाना चाहता है.
