फीमेल वीआरएस व मेडिकेयर स्कीम का निकला आदेश

धनबाद: कोल इंडिया ने संशोधित फीमेल वीआरएस स्कीम व रिटायर कोलकर्मियों के लिए कंट्रीब्यूटरी पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकेयर स्कीम को लागू कर दिया है. इस संबंध में कोल इंडिया के डीपी आर मोहन दास ने मेडिकेयर स्कीम का आदेश व फीमेल वीआरएस स्कीम का आदेश कोल इंडिया के जीएमपी भगवान पांडेय ने जारी कर दिया है. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 29, 2014 6:26 AM

धनबाद: कोल इंडिया ने संशोधित फीमेल वीआरएस स्कीम व रिटायर कोलकर्मियों के लिए कंट्रीब्यूटरी पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकेयर स्कीम को लागू कर दिया है. इस संबंध में कोल इंडिया के डीपी आर मोहन दास ने मेडिकेयर स्कीम का आदेश व फीमेल वीआरएस स्कीम का आदेश कोल इंडिया के जीएमपी भगवान पांडेय ने जारी कर दिया है. फीमेल वीआरएस के तहत 26 नवंबर 2014 से 25 मई 2015 तक आवेदन दिया जा सकता है. मजदूर नेताओं ने इसे बहुत बड़ी उपलब्धि बतायी है. आदेश जारी होने के साथ ही आवेदन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.

इसका लाभ 55 साल तक की महिला के आश्रित को मिल सकेगा. पहले 50 साल तक की महिला के आश्रित को लाभ देने का प्रावधान था. मजदूर यूनियनों के विरोध के कारण इसे 55 साल कर दिया गया है.

10 साल से अधिक होनी चाहिए नौकरी : इसका लाभ वैसी महिला कर्मियों को मिलेगा, जिन्होंने कोल इंडिया की किसी भी कंपनी में कम से कम 10 साल नौकरी कर ली हो तो महिला के आश्रित को नौकरी दी जायेगी. आश्रित की उम्र सीमा 18 से 35 साल के बीच होनी चाहिए. उसे शिक्षित होना चाहिए. पहले न्यूनतम योग्यता मैट्रिक थी. आश्रित को नौकरी कैटगरी-1 या जनरल मजदूर में उसी कंपनी में लगेगी, जहां मां काम करती थी.

क्या है मेडिकेयर स्कीम

यूनियनों की मांग के आलोक में 25 मार्च 2014 को इस मुद्द्े पर सहमति बनी. तब तत्कालीन कोल इंडियामैन ने फंड की बात कह इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया. लेकिन यूनियनों के दबाव में कोल इंडिया बोर्ड ने आठ नवंबर की बैठक में इस स्कीम को स्वीकृति दी. इसके तहत रिटायर कोलकर्मी अब पत्नी के साथ कोल इंडिया के पैनल वाले अस्पताल मे कुल पांच लाख ( दोनों ढ़ाई -ढ़ाई लाख) तक इलाज करा सकते हैं. सांघातिक रोग के इलाज के लिए उन्हें पांच लाख रूपये अतिरिक्त मिलेगा. इस एवज में उन्हे पैसा जमा करना होगा. इस स्कीम की छह माह में फिर समीक्षा होगी. सीटू नेता सह जेबीसीसीआई सदस्य डीडी रामानंदन ने कहा कोल इंडिया में रिटायरकर्मियों के लिए पहली बार चिकित्सा सेवा लागू हुई है. यह बहुत बड़ी उपलब्धि है. यूनियनों की एकता की यह जीत है.