Dhanbad News: पांच वर्षों से एसीबी जांच में फंसी 200 करोड़ की इंटीग्रेटेड सड़क

Dhanbad News: तीन बार रिमाइंडर के बाद भी नहीं मिली अनुमति, नगर निगम ने एसीबी से मांगा एनओसी

Dhanbad News: धनबाद नगर निगम की 200 करोड़ रुपये की इंटीग्रेटेड सड़क परियोजना पिछले पांच सालों से एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की जांच में अटकी है. 14 वें वित्त आयोग के तहत बनी इस योजना में कुल 38 ग्रुप की सड़कों का निर्माण होना था, पर जांच शुरू होने के बाद से अधिकांश सड़कों की मरम्मत और स्ट्रीट लाइट लगाने का काम ठप है. नगर निगम ने एसीबी से काम करने की अनुमति मांगी है. निगम ने जांच एजेंसी को तीन-तीन बार रिमाइंडर भेजकर एनओसी की मांग की है, ताकि अधूरी सड़कों का काम फिर से शुरू किया जा सके. हालांकि एसीबी सूत्रों के मुताबिक, उन्हें निगम की ओर से ऐसा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है.

क्या है मामला

वर्ष 2020 में मुख्यमंत्री के आदेश पर एसीबी ने 200 करोड़ रुपये की इस योजना की जांच शुरू की थी. जांच के दायरे में पूर्व मेयर, पूर्व नगर आयुक्त और संबंधित एजेंसी से पूछताछ की जा चुकी है. इसके बाद निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गयी है. फिलहाल करीब 38 करोड़ रुपये का काम अधूरा पड़ा है.

इन वार्डों में अधूरा पड़ा है काम

वार्ड नंबर 23 में 4.91 करोड़, वार्ड 21 में 2.31 करोड़, वार्ड 39 में 4.97 करोड़, वार्ड 03 में 4.57 करोड़, वार्ड 22 व अन्य वार्डों में सड़कें अधूरी पड़ी हैं. वेस्ट मोदीडीह से गुहीबांध तक 2.39 करोड़ रुपये की सड़क भी अधर में है.

विधानसभा में भी गूंजा था मामला

धनबाद विधायक राज सिन्हा इस मुद्दे को विधानसभा और 20 सूत्री समिति की बैठक में उठा चुके हैं. उन्होंने नगर विकास विभाग को पत्र लिखकर कहा है कि एसीबी जांच के कारण पांच सालों से निर्माण कार्य बंद है. जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है.

नगर विकास मंत्री ने एनओसी दिलाने का दिया था आश्वासन

पिछले दिनों आवास योजना कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री सुदिव्य सोनू धनबाद आये थे. कार्यक्रम के दौरान विधायक राज सिन्हा ने इंटीग्रेटेड सड़क का मामला उठाया था, जिसपर नगर विकास मंत्री ने मुख्यमंत्री से बात कर एनओसी दिलाने का आश्वासन दिया था लेकिन आज तक नगर निगम को एनओसी नहीं मिला.

बोले अधिकारी

एसीबी को पत्र लिखा गया है. तीन-तीन बार रिमाइंडर दिया गया है. 38 ग्रुप की सड़कों पर काम करने की अनुमति मांगी गयी है. इंटीग्रेटेड सड़कें काफी पुरानी हो गयी हैं और स्ट्रीट लाइटें भी बंद हैं. जांच पूरी होने या अनुमति मिलने के बाद ही काम शुरू किया जा सकेगा.

रवि राज शर्मा, नगर आयुक्तB

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