पेयजल स्वच्छता विभाग के अभियंता पर मामला दर्ज

चैता गांव में बन रहे जलमीनार पर वन विभाग को आपत्तिफोरेस्टर ने कहा- जमीन वन विभाग की, काम रुकवायाफोटो-10 गोमो चैतागोमो. चैता गांव में पंचायत भवन के बगल में जलमीनार बनाने को लेकर फोरेस्टर अशोक कुमार ने वन अधिनियम के तहत पेयजल स्वच्छता विभाग के अभियंता के खिलाफ मामला दर्ज किया है. जांच के दौरान […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 10, 2014 11:04 PM

चैता गांव में बन रहे जलमीनार पर वन विभाग को आपत्तिफोरेस्टर ने कहा- जमीन वन विभाग की, काम रुकवायाफोटो-10 गोमो चैतागोमो. चैता गांव में पंचायत भवन के बगल में जलमीनार बनाने को लेकर फोरेस्टर अशोक कुमार ने वन अधिनियम के तहत पेयजल स्वच्छता विभाग के अभियंता के खिलाफ मामला दर्ज किया है. जांच के दौरान फोरेस्टर व ग्रामीणों के बीच काफी नोक-झोंक भी हुई. सोमवार को फोरेस्टर चैता गांव पहुंचे. उन्होंने अमीन बुलवा कर निर्माण स्थल की मापी करायी, जिसमें जमीन वन विभाग की निकली. इसके बाद उन्होंने तुरंत काम बंद करा दिया. इससे क्षुब्ध ग्रामीणों से उनकी नोक-झोंक भी हुई. श्री कुमार ने ग्रामीणों से कहा कि मैं भी चाहता हूं कि गांव में जलमीनार बने. एनओसी लेकर काम करायें, मुझे कोई आपत्ति नहीं है. वन विभाग के जमीन है : फोरेस्टरफोरेस्टर अशोक कुमार ने बताया कि वन विभाग के जमीन पर बिना एनओसी के जलमीनार बनाया जा रहा है. इस मामले में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियंता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.वन विभाग की नहीं है जमीन : जेईइधर, पेयजल स्वच्छता विभाग तोपचांची के कनीय अभियंता रामचंद्र उरांव ने कहा कि उक्त जमीन 1967 के खतियान के अनुसार बिहार सरकार की है. वन विभाग की जमीन पर जलमीनार नहीं बन रहा है़