धनबाद : नाम विशेष जांच दल (एसआइटी). काम बड़े व चर्चित मामलों का उदभेदन करना. पर धनबाद पुलिस की एसआइटी बड़े मामलों के उदभेदन करने में पूरी तरह फेल हो गयी है. हाल में ही शहर की दो चर्चित घटनाएं पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं. रांची जोन के जोनल आइजी नवीन सिंह के नीलांचल कॉलोनी स्थित घर में 12 जनवरी को हुई चोरी का उदभेदन आज तक नहीं हो पाया. इस मामले को ले कर पुलिस ने पहले तो खूब सक्रियता दिखायी.
आनन-फानन में एसआइटी गठित की गयी. कई तरह के लोगों को उठाया गया. कई दिनों तक पूछताछ का दौर चलता रहा, लेकिन कुछ ठोस हाथ नहीं लगा. आइजी के घर जिस दिन चोरी हुई, उस दिन आइजी के घर जैप जवान की ड्यूटी लगी हुई थी. आइजी के पिता व परिवार के अन्य सदस्य रांची गये हुए थे. पुलिस महकमा के लिए यह मामला आज भी चुनौती बनी हुई है.
स्थानीय अपराधियों में उलझ कर रह गयी पुलिस : हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ कैलाश प्रसाद से बरवाअड्डा थानांतर्गत 29 जनवरी की रात लूट हुई थी. उनके साथ मारपीट भी हुई. इस मामले को लेकर भाजपा सड़क पर उतरी. इस मामला में भी एसआइटी गठित हुई. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता भी पीड़ित डॉक्टर के घर तक गये. इस मामले में भी पुलिस स्थानीय अपराधियों में ही उलझ कर रह गयी. बगुला बस्ती, टुंडी, भेलाटांड़ के अपराधियों से ही पुलिस द्वारा पूछताछ की गयी.
पुलिस ने इस मामले में अभी तक करीब 20 संदिग्ध लोगों से पूछताछ की. मगर किसी नतीजा पर नहीं पहुंच पायी. हालांकि इस मामले में एसआइटी ने अभी तक हार नहीं मानी है. एसएसपी किशोर कौशल कहते हैं कि पुलिस अपराधियों तक लगभग पहुंच गयी है. उनकी पहचान भी हो गयी है. जल्द ही मामले का खुलासा हो जायेगा.
