राजकिशोर महताे ने आजसू पार्टी छोड़ी, अब नहीं लड़ेंगे कोई चुनाव

धनबाद : झारखंड आंदोलन के पुरोधा बिनोद बिहारी महतो के पुत्र-सह-पूर्व विधायक राज किशोर महतो ने आजसू नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. साथ ही भविष्य में कोई भी चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की है.... मेरे खिलाफ लॉबिंग हुई : सोमवार को प्रभात खबर से […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 14, 2020 3:57 AM

धनबाद : झारखंड आंदोलन के पुरोधा बिनोद बिहारी महतो के पुत्र-सह-पूर्व विधायक राज किशोर महतो ने आजसू नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. साथ ही भविष्य में कोई भी चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की है.

मेरे खिलाफ लॉबिंग हुई : सोमवार को प्रभात खबर से बातचीत में दो बार विधायक एवं एक बार सांसद रह चुके श्री महतो ने कहा कि इस बार टुंडी से उन्हें हराने के लिए आजसू नेताओं ने ही पूरी ताकत लगायी. खुल कर भितरघात किया. सीटिंग विधायक होने के बावजूद उन्हें 10 दिनों तक टिकट के लिए इंतजार कराया गया.
राजकिशोर महताे आजसू के एक वरिष्ठ नेता ने उनके खिलाफ लॉबिंग करायी. उनका टिकट कटवाने के लिए रांची में प्रदर्शन कराया. चुनाव में भी आजसू के वरिष्ठ नेताओं ने उनके पक्ष में प्रचार नहीं किया. बल्कि उनके राजनीतिक विरोधियों की मदद की. इसके पीछे क्या वजह है, यह सबको पता है. ऐसे नेता गिरिडीह से एक दबंग जन प्रतिनिधि के रिश्तेदार को टिकट देना चाहते थे. इसके लिए ही यह सारा नाटक हुआ.
श्रमिक राजनीति में रहेंगे सक्रिय
श्री महतो ने कहा कि फिलहाल किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगे. झारखंड कोलियरी श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष के रूप में मजदूर राजनीति में सक्रिय रहेंगे. शैक्षणिक व सामाजिक कार्य भी करेंगे.
विधि आयोग के अध्यक्ष भी रहे महताे
सनद हो कि राज किशोर महतो अपने पिता बिनोद बिहारी महतो के निधन के बाद चुनावी राजनीति में उतरे. सबसे पहले वर्ष 1992 में गिरिडीह से उप चुनाव में जीत कर सांसद बने. फिर वर्ष 2005 में सिंदरी से तथा वर्ष 2014 में टुंडी से विधायक बने. झामुमो, समता पार्टी, भाजपा एवं आजसू की राजनीति मेें सक्रिय रहे. वह राज्य विधि आयोग के अध्यक्ष भी रहे.