- छह माह बीत गये 25 वार्डों तक ही सिमट कर रह गयी कंपनी
- दस साल में निगम को नहीं मिला कचरा डिस्पोजल प्वाइंट
- वेस्ट टू एनर्जी के प्लांट के लिए सिंदरी में जमीन, एनओसी के कारण लटका है मामला
- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की गति धीमी
- नगर निगम ने रैमकी से मांगे छह बिंदुओं पर जवाब
धनबाद : चार जनवरी से स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू हो गया है. 31 जनवरी तक चलनेवाले स्वच्छता सर्वेक्षण में किसी भी दिन शहरी विकास मंत्रालय दिल्ली की टीम सर्वे के लिए धनबाद आ सकती है. शहर की स्वच्छता पर धनबाद की रैकिंग तय होगी. शहर की जो स्थिति है, इससे अच्छा रैंक आना संभव नहीं दिख रहा है.
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर 1500 अंक निर्धारित है. रैमकी को आये छह माह बीत गये, लेकिन अब तक 55 में मात्र 25 वार्डों में ही कचरा कलेक्शन शुरू हो पाया है. यहीं नहीं जो वार्ड में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन किया जा रहा है, वहां सूखा व गीला कचरा का सेगरिगेशन भी नहीं हो रहा है. जबकि सूखा व गीला कचरा के सेगरिगेशन पर पांच सौ अंक निर्धारित है.
नगर निगम के गठन हुए लगभग दस साल हो गये, लेकिन आज तक निगम को कचरा डंपिंग प्वाइंट नहीं मिला. वेस्ट टू एनर्जी के लिए सिंदरी में जमीन तो मिली, लेकिन एनओसी के कारण मामला लटका हुआ है. कुल मिलाकर देखें तो सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की स्थिति खराब है. रैमकी की धीमी चाल पर नगर निगम ने शो कॉज करते हुए छह बिंदुओं पर जवाब तलब किया है.
इन बिंदुओं पर रैमकी से निगम ने मांगा जवाब
डोर-टू-डोर वेस्ट सेगरिगेशन का काम नहीं किया जा रहा है
रिफ्यूज कांपेक्टर, हुक लोडर वाहनों में जीपीएस ट्रेकिंग डिवाइस नहीं है
पोर्टेबल वेस्ट कांपेक्टर का नंबर नहीं
अवेयरनेस प्रोग्राम पर कोई काम नहीं किया गया
शिकायत और निवारण प्रकोष्ठ का गठन नहीं किया गया
छह माह में 55 में 25 वार्ड में शुरू किया गया काम
