धनबाद : चिकित्सा के पेशे से राजनीति में आये डॉ सबा अहमद ने 27 वर्षों के राजनीतिक जीवन में चार बार दल बदला है. अविभाजित बिहार में एेसा कर वह तीन बार चुनाव जीतने में सफल रहे. बिहार सरकार में वह मंत्री तथा बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष रह चुके हैं.
झारखंड आंदोलन के पुरोधा विनोद बिहारी महतो के निधन के बाद वर्ष 1991 में डॉ सबा अहमद ने पहली बार टुंडी से उपचुनाव लड़ा व विजयी रहे. पर अलग झारखंड बनने के बाद हुए तीनों चुनाव में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा. दो बार दूसरे तथा एक बार तीसरे स्थान पर रहे. डॉ अहमद फिलहाल जेवीएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष हैं. टुंडी की राजनीति में सक्रिय डॉ साहब एक बार फिर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में हैं.
1991 : झामुमो से जीते
1995 : झामुमो (मार्डी) से जीते
2000 : राजद से जीते
2005 : झाविमो से लड़े
2009 : झाविमो से लड़े
2014 : झाविमो से लड़े
