अपने पत्ते नहीं खोल रहे सांसद पीएन सिंह
धनबाद : झारखंड में विधानसभा चुनाव की रणभेरी कभी भी बज सकती है. इसको लेकर उलटी गिनती शुरू हो गयी है. सभी दल अपनी-अपनी तरह से तैयारी में जुटे हैं. लोकसभा चुनाव में मिली भारी जीत सेे कोयलांचल में भाजपा के अंदर दावेदारों की बाढ़ सा आ गयी है. पार्टी के अंदर पल-पल राजनीतिक समीकरण बन व बिगड़ रहे हैं. सबसे ज्यादा मारामारी धनबाद विधानसभा क्षेत्र में है. यहां प्रत्याशी चयन में स्थानीय सांसद पशुपति नाथ सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. अब सबकी नजरें सांसद पर लगी है.
दो चुनावों में राज सिन्हा पर सांसद ने लगाया था वीटो
सूत्रों के अनुसार वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश भाजपा की तरफ से भेजी गयी सूची में पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. रीता वर्मा का नाम धनबाद से टिकट के दावेदारों में सबसे ऊपर था. उस वक्त सांसद पीएन सिंह के दबाव पर ही राज सिन्हा को भाजपा ने टिकट दिया था. हालांकि श्री सिन्हा 902 मतों से हार गये. वर्ष 2014 के चुनाव में भी प्रदेश भाजपा का एक खेमा धनबाद से पूर्व आइजी लक्ष्मण प्रसाद सिंह को टिकट देने के पक्ष में था.
लेकिन, उस वक्त भी सांसद ही अड़ कर यहां एक बार फिर राज सिन्हा को टिकट दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. श्री सिन्हा भारी मतों से विजयी भी हुए. इस बार के चुनाव में टिकट के सबसे प्रबल दावेदार वर्तमान विधायक ही हैं. लेकिन, इस बार यहां का राजनीतिक समीकरण बदला हुआ है. टिकट के लिए विधायक को सबसे गंभीर चुनौती मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल से मिल रही है. मेयर को मुख्यमंत्री का नजदीकी माना जाता है. दिल्ली दरबार में भी विधायक, मेयर जोर लगाये हुए हैं.
