धनबाद : सरायढेला थानांतर्गत कुसुम विहार में गुरुवार की देर रात कोल कारोबारी राजू सेठ के घर हुई डकैती में पुलिस ने ऑटो चालक वासेपुर निवासी मो. फिरोज को जेल भेज दिया है. जबकि ऑटो चालक सोनू व सुभान को हिरासत में रखा गया है.
पुलिस ने जेल भेजने से पहले राजू सेठ की पत्नी तमन्ना सेठ व उसकी रिश्तेदार सुमन सेठ को थाना बुलाकर फिरोज की पहचान करवायी. दोनों ने एक बार फिर से फिरोज की पहचान की. इस दौरान सिटी एसपी आर राजकुमार, डीएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) मुकेश कुमार भी मौजूद थे.
फिरोज का फर्द बयान दर्ज : पुलिस को दिये फर्दबयान में फिरोज ने कबूल किया कि डकैती की प्लानिंग उसने ही की थी. वह कार्मिक नगर निवासी छोटू शुक्ला के कनेक्शन में बहुत दिनों से था. कारोबारी की पत्नी को घर छोड़ने के बाद उसने छोटू शुक्ला से संपर्क किया. छोटू शुक्ला ने उसे रतन विहार कॉलोनी में इंतजार करने को कहा. रात दस बजे वह अपने साथियों के साथ उसके पास पहुंचा.
देर रात कॉलोनी में ऑटो लगाकर सभी लोग कारोबारी के घर में घुस गये और डाका कांड को अंजाम दिया. फिरोज ने बताया कि वह छोटू शुक्ला के अलावा किसी दूसरे अपराधी को नहीं जानता है. उसे सिर्फ इतना पता है कि उसमें दो टुंडी, दो धनसार और एक बराकर का रहने वाला है. सभी अपराधी के बारे में छोटू शुक्ला ही बता सकता है.
गहना देख मन में आया था लूटने का ख्याल
ऑटो चालक फिरोज का कहना है कि करवा चौथ को जब उसने महिला को गहने से लदा देखा तभी उसके मन में उसे लूटने का ख्याल आ गया था.
पुलिस ने बताया कि फिरोज ने पहले कोई अपराध नहीं किया है. हालांकि अपराधियों के साथ उसका संबंध जरूर रहा है. उसने अचानक इसकी प्लानिंग की थी. राजू सेठ के परिवार वालों को घर छोड़ने के बाद फिरोज ने अपने साथियों के साथ संपर्क कर उन्हें पूरी बात बतायी थी. उसके बाद सभी टुंडी व बराकर से धनबाद पहुंच गये और रात में डाका कांड को अंजाम दिया.
आर्म्स एक्ट में जेल जा चुका है छोटू
छोटू शुक्ला कार्मिक नगर में रहता था. उसके पिता सच्चिदानंद शुक्ला बीसीसीएल से सेवानिवृत्त होने बाद अब इस दुनिया में नहीं हैं. छोटू आर्म्स एक्ट और चोरी जैसे आरोपों में जेल जा चुका है. इधर कई माह से पुलिस को उसका ट्रेस नहीं मिल रहा है. सिवाय इसके कि कुछ दिन पहले उसने अपने साथियों को फोन किया था. पुलिस को शक है कि वह चास में कहीं छिप कर रह रहा है.
