साइबर ठगी के शिकार बैंक से मांग रहे पैसे

धनबाद : कोल पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त कोयला अधिकारी रामानुज प्रसाद के खाते से तीन बार में 24 हजार रुपये निकाल लिये गये. अब वह पैसा वापसी के लिए बैंक से लगातार पत्राचार कर रहे हैं. लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला. श्री प्रसाद का कहना है कि पिछले महीने उनके मोबाइल फोन पर […]

धनबाद : कोल पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त कोयला अधिकारी रामानुज प्रसाद के खाते से तीन बार में 24 हजार रुपये निकाल लिये गये. अब वह पैसा वापसी के लिए बैंक से लगातार पत्राचार कर रहे हैं. लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला. श्री प्रसाद का कहना है कि पिछले महीने उनके मोबाइल फोन पर एक कॉल आया और उसके बाद अचानक पैसे की निकासी कर ली गयी.

उन्होंने रकम निकासी के बाद आने वाले मैसेज में उल्लिखित फोन नंबर पर मैसेज भेज खाता ब्लॉक करने के लिए कहा, लेकिन उस पर भी कार्रवाई नहीं हुई. श्री प्रसाद का खाता एसबीआइ कोयला नगर में है. उन्होंने कहा कि आरबीआइ के निर्देशानुसार ऐसे मामलों में तीन दिन के भीतर सूचित करने पर भी बैंक से निकासी की गयी रकम की वापसी नहीं की जाती है.
उन्हें बैंक की ओर से कहा गया कि उन्होंने अपने एकाउंट की जानकारी साइबर अपराधियों को फोन पर दी है. इसलिए इस मामले में बैंक कुछ नहीं कर सकता. जबकि श्री प्रसाद साइबर अपराधियों को किसी प्रकार की जानकारी देने की बात से इंकार करते हैं. उन्होंने कहा है कि आखिर साइबर अपराधियों के पास बैंक कस्टमरों के फोन नंबर कहां से आ जाते हैं? मामले की सीबीआइ जांच होनी चाहिए.
वह इस मामले को लेकर आरबीआइ और स्टेट बैंक के उच्च अधिकारी तक जायेंगे. साइबर अधिकारी खास कर रिटायर्ड कोलकर्मियों को निशाना बना रहे हैं. इधर, कोयला नगर के मुख्य प्रबंधक नितेश कुमार ने कहा कि कस्टमर के मामले को हेड क्वार्टर भेजा गया था. एसबीआइ हेड क्वार्टर से जांच रिपोर्ट में प्राइवेट इंफॉरमेशन शेयर करने संबंधी पत्र आया है. कस्टमर को भी इसकी जानकारी दी गयी है.

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