मनोज रवानी, धनबाद : जिले के मछली विक्रेता हाइटेक होंगे. इसकी तैयारी मत्स्य विभाग ने शुरू कर दी है. वीएफडीबी योजना के तहत 50 लोगों को जहां लूना बाइक दी जायेगी. वहीं मार्केट योजना के तहत एक-एक किओस्क, ऑटो और ई-रिक्शा दिया जायेगा.
स्थायी रूप से मछली बेचने वालों के लिए दो गुमटी व पांच छतरी देना है. इसमें सरकार की ओर से 40 से 60 प्रतिशत खर्च दिया जायेगा. योजना का लाभ जरूरतमंदों को मिले इसके लिए विभाग की ओर से आवेदन मांगे गये हैं.
आइस बॉक्स रहेगा साथ में : लूना बाइक के साथ आईस बॉक्स और मछली को बनाने का सामान रहेगा. ताकि विक्रेता जगह-जगह जाकर मछली बेच सके. इसमें 50 लूना खरीदारी कराने का लक्ष्य है. लूना की कीमत में 10 हजार 625 रुपये सरकारी अनुदान होगा.
बाकि राशि विक्रेता को लगानी होगी. ऑटो व ई-रिक्सा से मछली बेचने के लिए एक-एक ऑटो व ई-रिक्शा दिया जायेगा. ऑटो और ई-रिक्शा के पीछे गुमटी होगी. मछली बनाने का सारा सामान इसी में होगा. यह भी अलग-अलग इलाकों में जाकर मछली बेच पायेंगे.
दो योजना के तहत मछली विक्रेताओं को लाभ देना है. वीएफडीबी के तहत 50 लूना बाइक दी जायेगी. इसके पीछे आइस बॉक्स होगा. इसके लिए आवेदन मांगे गये हैं. वहीं मार्केट योजना का भी लाभ दिया जायेगा.
मुजाहिद अंसारी, कार्यपालक पदा, मत्स्य विभाग
किस पर कितना अनुदान
सरकारी अनुदान प्रतिशत में
कियोस्क 60
ऑटो 60
ई रिक्सा 80
छतरी 5 हजार रुपये
लूना 10, 625 रुपये
