फुटपाथ दुकानदारों को मिलेगा मार्केट

धनबाद: नगर निगम ने फुटपाथ दुकानदारों को मार्केट उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है. बुधवार को स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना की समीक्षात्मक बैठक में मेयर इंदु देवी ने प्रस्ताव पर अपनी सहमति देते हुए जल्द से जल्द वेंडिंग कमेटी गठित करने का निर्देश दिया. साथ ही स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना के लंबित मामले […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 24, 2014 10:32 AM

धनबाद: नगर निगम ने फुटपाथ दुकानदारों को मार्केट उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है. बुधवार को स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना की समीक्षात्मक बैठक में मेयर इंदु देवी ने प्रस्ताव पर अपनी सहमति देते हुए जल्द से जल्द वेंडिंग कमेटी गठित करने का निर्देश दिया. साथ ही स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना के लंबित मामले को 15 अगस्त तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया.

सामाजिक विकास विशेषज्ञ पंकज ने कहा कि फुटपाथ दुकानदारों को मार्केट उपलब्ध कराने के पूर्व सर्वे किया जायेगा. डाटा बेस तैयार कर वेंडिंग कमेटी बनायी जायेगी. एक स्थान पर अस्थायी तौर पर फुटपाथ दुकानदारों को मार्केट दिया जायेगा. बैठक में नगर आयुक्त एके बंका, डिप्टी नगर आयुक्त सिद्धार्थ शंकर चौधरी उपस्थित थे.

15 अगस्त से शुरू होगा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन : मेयर इंदु देवी ने कहा कि स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना की जगह राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन शुरू हो रहा है. 15 अगस्त तक एसजेएसआरवाई के अंतर्गत जितनी भी योजनाएं चल रही है, उसे समाप्त कर दिया जायेगा. 15 अगस्त से एनयूएलएम शुरू होगा.

2200 छात्रों को दिया जा रहा प्रशिक्षण : स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना के तहत 2200 छात्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. निगम अंतर्गत 21 एजेंसियां छात्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. एक छात्र पर निगम का 12 हजार खर्च होता है. तीन माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम होता है. प्रशिक्षण देने के बाद एजेंसी की ओर से छात्रों को सर्टिफिकेट दिया जाता है. जिसके आधार पर एसजेएसआरवाई के अंतर्गत लोन का प्रावधान है. अब तक निगम ने एजेंसी को लगभग 15 लाख रुपया पेमेंट कर चुका है.

12-13 के छह सौ छात्रों को नहीं मिला सर्टिफिकेट : 12-13 के छह सौ छात्रों को अब तक सर्टिफिकेट नहीं मिला. तीन एजेंसी टाउन स्कूल, श्रीराम व बेसिक ने छह सौ छात्रों को प्रशिक्षण कराया. लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से अब तक छात्रों को सर्टिफिकेट तक नहीं मिला. यही नहीं एजेंसी का पेमेंट भी अधर में लटका हुआ है. एसेंजी को नोटिस दिया जा रहा है.