वार्ड नंबर 24 का मामला
12 फर्जी लेबर दिखा कर सुपरवाइजर उठा रहा पेमेंट
धनबाद : नगर निगम में लेबर घोटाला सामने आया है. प्रारंभिक जांच में भी घोटाले की पुष्टि हुई है. मामला वार्ड नंबर 24 का है. स्टील गेट निवासी विकास सिंह की शिकायत पर जांच शुरू की गयी है. शिकायत पत्र में कहा गया है कि सुपरवाइजर 12 फर्जी लेबर दिखा कर छह माह से पेेमेंट उठा रहा है. कम पढ़े-लिखे महिला-पुरुषों को प्रलोभन देकर उनका आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक लेकर उनका नाम मजदूर के रूप में नगर निगम में दर्ज कराया गया है.
आनंद कुमार राम, संजू हरी, बबलू भुइयां, महेश भुइयां, मनोज कुमार हाड़ी, पंजू देवी, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, संतोष कुमार सिंह, पनपति देवी, गुड़िया देवी, पुतुल देवी व राजू हरी ऐसे लेबर हैं जो काम नहीं करते हैं,लेकिन उनके नाम पर पैसा उठा लिया जाता है. सुपरवाइजर की बहाली पर भी सवाल उठाया गया है.
चाय बेचनेवाले को भी बना दिया गया लेबर : आरोप के अनुसार चाय बेचने वाले व्यक्ति को भी लेबर दिखाया गया. प्रारंभिक जांच में उपस्थिति पंजी रजिस्टर नहीं मिला. एक लेबर के बारे में पूछा गया तो सुपरवाइजर ने कहा कि उसकी चाय की दुकान है और वह दूसरी पाली में काम करता है, जबकि वार्ड में सिर्फ एक पाली में ही काम होता है.
दूसरी पाली में सिर्फ कॉमर्शियल एरिया में लेबर काम करते हैं जो एनजीओ के होते हैं. प्रारंभिक जांच में जो मामले सामने आ रहे हैं, जिससे अनियमितता सामने आ रही है. हालांकि, जांच चल रही है. पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पायेगी.
एक नहीं बल्कि कई वार्ड में चल रहा खेल : आरोप है कि यह एक वार्ड का नहीं बल्कि इस तरह के मामले अन्य वार्ड में भी चल रहे हैं. इसमें कुछ पार्षदों की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है.
अगर सभी वार्ड के लेबर की जांच की जाये तो कई मामले सामने आयेंगे. बताते चलें कि प्रत्येक वार्ड में 27-27 लेबर दिये गये हैं, लेकिन कभी भी 18 से 20 लेबर से अधिक नहीं आते हैं. शेष लेबर का फर्जी अटेंडेंस बनाकर निगम को लाखों का चूना लगाया जा रहा है.
